'सिक्कों की कहानी छायाचित्रों की जुबानी': शाहपुरा कन्या महाविद्यालय में ऐतिहासिक प्रदर्शनी का आयोजन
शाहपुरा। स्थानीय महाप्रभु स्वामी रामचरण कन्या महाविद्यालय में 'सिक्कों की कहानी छायाचित्रों की जुबानी' विषय पर एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कॉलेज प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश कुमावत के सानिध्य में आयोजित इस प्रदर्शनी में संग्रहकर्ता सोमेश्वर व्यास ने अपने दुर्लभ संग्रह से प्राचीन सिक्के और ऐतिहासिक वस्तुओं का प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनी में केवल सिक्के ही नहीं, बल्कि विभिन्न प्रकार की माचिसें, विदेशी व भारतीय डाक टिकट, ताम्र पत्र और कई प्राचीन वस्तुएं आकर्षण का केंद्र रहीं। संग्रहकर्ता सोमेश्वर व्यास ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्राचीन सिक्के राष्ट्र की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर हैं। उन्होंने जोर दिया कि इन धरोहरों को भावी पीढ़ी के लिए संरक्षित रखना हमारा नैतिक कर्तव्य है। विशेषकर बच्चों और युवाओं में अपनी विरासत के प्रति रुचि जगाने के उद्देश्य से ही इस प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है।
चित्रों के माध्यम से समझाई सिक्कों के निर्माण की तकनीक
प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश कुमावत ने बताया कि इसमें सिक्कों की उत्पत्ति से लेकर उनके निर्माण की विभिन्न तकनीकों जैसे टूल-डाई, स्क्रू प्रेस, भाप-चलित मशीन और आधुनिक टकसालों की कार्यप्रणाली को चित्रों के माध्यम से बखूबी दर्शाया गया है।
प्राचीन आहत सिक्कों से लेकर शाहपुरा स्टेट तक का सफर
प्रदर्शनी में भारत के प्राचीनतम आहत सिक्के, विभिन्न जनपदों के सिक्के, भारतीय यवन सिक्के, कुषाण एवं गुप्त राजाओं के सोने-चांदी व तांबे के सिक्के प्रदर्शित किए गए। इसके अलावा सातवाहन काल, मध्यकालीन और आधुनिक सिक्कों की श्रृंखला में आना, नया पैसा, मेडल और शाहपुरा स्टेट के गौरवशाली इतिहास से संबंधित वस्तुओं ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।