ब्रिजटाउन: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 76 रनों की शर्मनाक हार के बाद अब भारतीय क्रिकेट गलियारों में पोस्टमार्टम का दौर शुरू हो गया है। आखिर वो क्या कारण थे कि 21 मैचों से अजेय रही टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई? पेश है 'भीलवाड़ा हलचल' का विशेष विश्लेषण:
1. चयन की 'हिमालयी' भूल: अक्षर पटेल का ड्रॉप होना
सबसे तीखा सवाल टीम मैनेजमेंट पर है। उपकप्तान अक्षर पटेल, जो लगातार विकेट चटका रहे थे और संकटमोचक बनकर रन बना रहे थे, उन्हें बाहर बैठाना समझ से परे है। उनकी जगह आए वॉशिंगटन सुंदर ने न तो गेंद से धार दिखाई और न ही बल्ले से दम। अक्षर की कमी टीम को मिडिल ओवर्स और लोअर-ऑर्डर बैटिंग, दोनों जगह खली।
2. हार्दिक और शिवम दुबे का 'महंगा' स्पेल
जसप्रीत बुमराह (15 रन, 3 विकेट) और अर्शदीप सिंह ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई, लेकिन दूसरे छोर से हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे ने रन लुटाने की सेल लगा दी। दुबे ने 2 ओवर में 16 की इकोनॉमी से 32 रन दिए, जिसने दक्षिण अफ्रीका को मैच में वापसी का पूरा मौका दे दिया। क्या भारत को एक शुद्ध पांचवें गेंदबाज की कमी खल रही है?
वर्ल्ड कप 2023 में भारत की हार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर टीम का हौसला बढ़ाया है.
उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि वर्ल्ड कप के दौरान टीम इंडिया का टैलेंट और दृढ़ संकल्प उल्लेखनीय था.
पीएम मोदी ने लिखा, "आपने बहुत अच्छे जज्बे के साथ खेला है और देश को गौरवान्वित किया है. हम आज आपके साथ खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे."
ट्रैविस हेड और मानर्स लाबुशेन की दमदार पारियों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने भारत को छह विकेट से हराते हुए वनडे वर्ल्ड कप छठी बार जीत लिया है.
3. वरुण चक्रवर्ती की 'मिस्ट्री' सुलझ गई?
वरुण चक्रवर्ती ने 4 ओवर में 47 रन खर्च किए। दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों ने उनकी फिरकी को ऐसे पढ़ा जैसे कोई खुली किताब हो। टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर जब आपके मुख्य स्पिनर की पिटाई होती है, तो दबाव पूरी टीम पर आ जाता है। मिडिल ओवर्स में विकेट न ले पाना हार की सबसे बड़ी वजह बनी।
मैदान पर साउथ अफ्रीका का जश्न, बाहर फूट-फूट कर रोए भारतीय फैंस; '
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत की 76 रनों की शर्मनाक हार ने करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों का दिल तोड़ दिया है। मैच खत्म होते ही स्टेडियम से लेकर सड़कों तक सन्नाटा पसर गया और कई प्रशंसक अपने आंसू नहीं रोक पाए। सोशल मीडिया से लेकर खेल के मैदान के बाहर तक, हर तरफ एक ही चर्चा है कि टीम इंडिया अपनी काबिलियत से नहीं, बल्कि 'ओवर कॉन्फिडेंस' (अति-आत्मविश्वास) के कारण हारी है।
फैंस का फूटा गुस्सा: 'जब अक्षर फॉर्म में थे, तो उन्हें बाहर क्यों किया?'
हार के बाद प्रशंसकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। एक भावुक प्रशंसक ने रोते हुए कहा, "हमें उम्मीद थी कि टीम इंडिया 2024 का इतिहास दोहराएगी, लेकिन खिलाड़ियों के चेहरे पर वो गंभीरता नहीं दिखी। पिछले 21 मैचों की जीत का खुमार शायद उनके सिर पर चढ़ गया था।"
अधिकतर फैंस का मानना है कि अक्षर पटेल जैसे मैच-विनर को ड्रॉप करना सबसे बड़ी रणनीतिक चूक थी। प्रशंसकों ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब आप विपक्षी टीम को हल्के में लेते हैं, तो नतीजा ऐसा ही होता है।
4. टॉप ऑर्डर का 'सरेन्डर'
188 रनों का लक्ष्य मुश्किल जरूर था, लेकिन नामुमकिन नहीं। भारतीय टॉप ऑर्डर ने जिस तरह से घुटने टेके, उसने टीम की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। शुरुआती झटकों के बाद कोई भी बल्लेबाज टिक कर खेलने का साहस नहीं दिखा सका। बल्लेबाजों के शॉट सिलेक्शन में अनुशासन की भारी कमी दिखी।
5. जीत का खुमार या रणनीति का अभाव?
लगातार 21 जीत के बाद शायद टीम इंडिया में एक किस्म का 'कंप्लेसेन्सी' यानी आत्म-संतुष्टि का भाव आ गया था। दक्षिण अफ्रीका ने पहले ही ओवर से आक्रामक रुख अपनाया, जिसका जवाब भारतीय कप्तान और गेंदबाज नहीं दे पाए।
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