बड़ी कामयाबी: 50 हजार का इनामी 'भेरू'भीलवाड़ा AGTF के हत्थे चढ़ा!

Update: 2026-03-22 03:46 GMT

भीलवाड़ा हलचल।इलाके में खौफ का पर्याय बन चुके और पिछले एक साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे कुख्यात हिस्ट्रीशीटर भेरू गुर्जर उर्फ जूपडा के आतंक का अंत हो गया है। भीलवाड़ा AGTF (Anti-Gangster Task Force) ने एक बेहद सटीक और आक्रामक ऑपरेशन चलाकर इस शातिर को दबोच लिया है।

​पुलिस की रडार पर था 'मोस्ट वांटेड'

​भेरू जूपड़ा कोई साधारण अपराधी नहीं है। इसके ऊपर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था (25,000 रुपये भीलवाड़ा से और 25,000 रुपये चित्तौड़गढ़ पुलिस की ओर से)। गंगरार थाने का यह हिस्ट्रीशीटर पिछले एक साल से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।

​वारदातों का काला चिट्ठा: अब तक 27 मामले दर्ज

​गिरफ्तार मुलजिम भेरू जूपड़ा के खिलाफ अपराध की लंबी फेहरिस्त है: ​कुल मुकदमे: हत्या, जानलेवा हमले और मारपीट के 27 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज।​सनसनीखेज हत्या: गंगरार में एक होटल में घुसकर सरेआम गोली मारकर हत्या करने के मामले में यह आरोपी है और तभी से फरार चल रहा था। ​वांछित: हमीरगढ़ थाने के कई मामलों में भी पुलिस को इसकी लंबे समय से तलाश थी।

​AGTF टीम की 'सर्जिकल स्ट्राइक'

​भीलवाड़ा AGTF प्रभारी कालूराम धायल के नेतृत्व में टीम ने घेराबंदी कर इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस टीम में बनवारी लाल विश्नोई, असलम, राकेश भंडारी, घिसूलाल और घेवर शामिल थे।

​इस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाया और शातिर भेरू को उस वक्त धर दबोचा जब वह भागने की फिराक में था। इस गिरफ्तारी से क्षेत्र के अपराधियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब भेरू से फरारी के दौरान उसे शरण देने वाले सफेदपोशों और उसके गुर्गों के बारे में कड़ी पूछताछ कर रही है।

Similar News

सावधान! 'खाकी' के भेष में बड़ी लूट:: सस्‍ता सोना दिलाने के नाम पर 40 लाख की डकैती, ठगों का जाल फैला

रिश्तों पर भारी पड़ी जमीन की भूख,: श्मशान घाट पर चिता के सामने भिड़े दो परिवारों के बेटे