आयुष्मान कार्ड प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, अब केवल आधार ई-केवाईसी के बाद ही जारी होंगे

Update: 2026-01-02 00:20 GMT

भीलवाड़ा। आयुष्मान भारत योजना में बड़े बदलाव किए गए हैं। अब नए आयुष्मान कार्ड केवल आधार आधारित ई-केवाईसी के बाद ही जारी किए जाएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने इसके लिए बेनिफिशियरी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (BIS-2.0) लागू किया है, जिसके तहत सभी लाभार्थियों की पहचान अनिवार्य रूप से सत्यापित की जाएगी।

इसके साथ ही अब आयुष्मान कार्ड में नए सदस्य जोड़ने का विकल्प समाप्त कर दिया गया है। केवल एसईसीसी-2011 के तहत पात्र परिवारों में नियमों के अनुसार नए सदस्य जोड़े जा सकेंगे।

स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) की सीईओ अर्चना वर्मा के अनुसार, संदिग्ध कार्डों की पहचान अब स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट पोर्टल (SAFU BIS) और AI आधारित ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर से की जाती है। संदिग्ध कार्ड स्वतः चिन्हित हो जाते हैं और इन पर तुरंत इलाज की सुविधा रोक दी जाती है। बाद में ऑडिटर द्वारा जांच कर सही पाए गए कार्डों को पुनः सक्रिय कर दिया जाता है।

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