चाचा-भतीजे की एक ही दिन हार्ट अटैक से मौत, भात की खुशियां गम में बदलीं
हनुमानगढ़। जिले के फेफाना क्षेत्र के राजपुरिया गांव से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक ही परिवार के दो सदस्यों—चाचा और भतीजे—की एक ही दिन हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) से मौत हो गई। इस दोहरे वज्रपात से न केवल परिवार उजड़ गया, बल्कि समूचे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
खुशियों के बीच काल का क्रूर प्रहार:
जानकारी के अनुसार, राजपुरिया निवासी राजेंद्र सहारण गुरुवार को नोहर में अपनी बहन के घर आयोजित 'भात भरने' की रस्म में शामिल होने गए थे। परिवार में उत्सव का माहौल था और मंगल गीत गाए जा रहे थे। रस्म पूरी होने के कुछ ही देर बाद राजेंद्र की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ और वे बेहोश होकर गिर पड़े। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। खुशियों वाला घर चीख-पुकार में बदल गया।
घर पर भतीजे ने भी तोड़ा दम:
अभी परिवार राजेंद्र की मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि गांव में मौजूद उनके भतीजे सुरेंद्र सहारण की भी अचानक तबीयत खराब हो गई। सुरेंद्र को भी घर पर ही सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। जब तक परिवार के लोग कुछ समझ पाते या उन्हें डॉक्टरी सहायता मिल पाती, सुरेंद्र ने भी दम तोड़ दिया। चिकित्सकों ने प्राथमिक रूप से दोनों ही मौतों का कारण साइलेंट हार्ट अटैक बताया है।
स्तब्ध रह गया पूरा गांव:
एक ही दिन में चाचा और भतीजे की इस तरह अचानक विदाई से राजपुरिया गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। हर आंख नम है और लोग इस अनहोनी से स्तब्ध हैं। शुक्रवार को जब दोनों का अंतिम संस्कार हुआ, तो पूरा गांव गमगीन माहौल में उमड़ पड़ा। परिवार पर टूटे इस दुखों के पहाड़ को देख हर कोई नियति को कोसता नजर आया।