जोगणिया माता शक्तिपीठ में उमड़ा आस्था का महाकुंभ: दुर्गाष्टमी पर 2.5 लाख भक्तों ने टेका मत्था
लाडपुरा (शिव लाल जांगिड़)। मेवाड़ और हाड़ौती के प्रसिद्ध आस्था केंद्र श्री जोगणिया माता शक्तिपीठ में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्ति का ऐसा सैलाब उमड़ा कि समूचा परिक्षेत्र मातेश्वरी के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। दुर्गाष्टमी के विशेष मौके पर लगभग ढाई लाख श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर और रामलीला मैदान में आयोजित भव्य धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उत्सव की आभा को और भी द्विगुणित कर दिया।
संस्थान के विकास कार्यों का रखा लेखा-जोखा:
कार्यक्रम के दौरान संस्थान अध्यक्ष सत्यनारायण जोशी ने मां जोगणिया के गौरवशाली इतिहास और महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रद्धालुओं को संस्थान द्वारा संचालित महत्वपूर्ण विकास कार्यों—नवग्रह नक्षत्र वाटिका, राम वाटिका, सघन पौधरोपण, भव्य मंदिर निर्माण, वेद विद्यालय और गौशाला के बारे में विस्तार से जानकारी दी। श्री जोशी ने इनकम टैक्स विभाग द्वारा संस्थान को 80G की स्वीकृति मिलने पर भी हर्ष व्यक्त करते हुए आभार प्रकट किया।
भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु, झांकियों ने मोहा मन:
शक्तिपीठ पर आयोजित विशाल भजन संध्या में सुप्रसिद्ध गायकों ने स्वर लहरियों से समां बांध दिया। गायक जगदीश वैष्णव ने गणेश वंदना और माता के भजनों से शुरुआत की, वहीं मोइनुद्दीन मनचला के "राम आएंगे" और "चौसठ जोगणिया रे" भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। अशोक दास और नवीन देवराज ने "नमो नमो जगदम्बा" प्रस्तुत कर पंडाल को भक्तिमय कर दिया। 'कृष्णा इवेंट' द्वारा सजाई गई भगवान गणेश, हनुमान जी और शेरावाली माता की आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
पंचकुंडीय शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति:
चैत्र नवरात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित नौ दिवसीय पंचकुंडीय शतचंडी महायज्ञ की नवमी पर भव्य पूर्णाहुति दी गई। इस अवसर पर बूंदी के महाराव राजा वंशवर्धन सिंह अपनी धर्मपत्नी सहित विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बेगूं डीवाईएसपी अंजलि सिंह, बानोड बालाजी के पंडित कैलाशचंद शर्मा, महंत राममुनि जी महाराज सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
लोक कल्याण के लिए हुए अनेक अनुष्ठान:
अध्यक्ष जोशी ने बताया कि नवरात्रि के दौरान वेद विद्यालय के बटुकों और विद्वानों द्वारा शतचंडी पारायण, सवा पांच लाख नवार्ण महामंत्र जप, श्रीमद् देवी भागवत पारायण, चतुर्वेद पारायण और श्री रामचरितमानस अखंड पाठ जैसे अनुष्ठान लोक कल्याण की भावना से संपन्न किए गए। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के प्रेरणास्रोत स्व. बाबूजी भंवरलाल जोशी को भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
