आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाने की मांग
भीलवाड़ा सहित देश के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति और अन्य परेशानियों के कारण आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाने की मांग की गई है।
यहां इस मामले से जुड़ी और अधिक जानकारी दी गई है:
वर्तमान अंतिम तिथि: गैर-ऑडिट मामलों के लिए, आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर, 2025 है। यह तिथि पहले 31 जुलाई, 2025 थी, जिसे केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने ITR फॉर्म में बदलाव और सिस्टम की तैयारी में देरी के कारण बढ़ा दिया था।
मांग: भीलवाड़ा और अन्य शहरों के करदाता और टैक्स बार एसोसिएशन ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि को और आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
गैर-ऑडिट रिटर्न: 15 अक्टूबर, 2025
टैक्स ऑडिट रिपोर्ट: 30 नवंबर, 2025
ऑडिट केस रिटर्न: 31 दिसंबर, 2025
मांग के प्रमुख कारण:
बाढ़ और आपदा: देश के कई हिस्सों में बाढ़ के कारण लाखों लोग बेघर हो गए हैं और वे इस समय रिटर्न फाइल करने की स्थिति में नहीं हैं।
तकनीकी समस्याएं: आयकर पोर्टल पर कई तरह की तकनीकी खामियां और समस्याएं अभी भी जारी हैं।
यूटिलिटी में देरी: ITR फॉर्म और उनसे जुड़ी यूटिलिटी (सॉफ्टवेयर) जारी करने में देरी हुई, जिससे करदाताओं को रिटर्न तैयार करने और फाइल करने के लिए कम समय मिला।
पोर्टल पर भीड़: आखिरी समय में पोर्टल पर अधिक भार के कारण करदाताओं को फाइलिंग में दिक्कत आ रही है।
हालांकि, अभी तक CBDT की ओर से तिथि बढ़ाने का कोई आधिकारिक सर्कुलर जारी नहीं किया गया है। यदि कोई करदाता 15 सितंबर की समय सीमा के बाद ITR फाइल करता है, तो उसे 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।
