वृंदावन में भारत विकास परिषद का परचम: 549 दिव्यांगों को मिले सहायक उपकरण

Update: 2026-03-04 08:56 GMT

भीलवाड़ा । दिव्यांगों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची आराधना है" - इसी संकल्प के साथ भीलवाड़ा के प्रमुख संगठनों और कार्यकर्ताओं ने श्रीधाम वृंदावन में आयोजित विशाल नि:शुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण एवं उपकरण वितरण शिविर को ऐतिहासिक सफलता दिलाई। स्वामी अनंत देव महाराज एवं उनके सहयोगी डॉ. उमेश चंद्र शुक्ला सहित संत जगदीशपुरी, ज्ञानेन्द्रनंद सहित अनेक संतो वृंदावन के वृद्धआश्रम में जाकर वृद्ध जनों को उपकरण वितरित किए।

पूज्यपाद ब्रह्मलीन विरक्त शिरोमणि परमहंस स्वामी वामदेव महाराज के शताब्दी आनंद महोत्सव के पावन अवसर पर आयोजित इस शिविर में भीलवाड़ा सहित राजस्थान मध्य प्रांत के पदाधिकारियों ने अपनी समर्पित सेवाओं से मानवता की मिसाल पेश की। शिविर में कुल 549 उपकरणों का वितरण कर दिव्यांगों को स्वावलंबी बनाया गया। 152 दिव्यांगों को सुनने की मशीन प्रदान की गई। कुल 111 दिव्यांगों को हाथ से चलने वाली साइकिल दी गई। 50 बैशाखी और 17 एल्बो क्रच वितरित किए गए। कुल 38 जरूरतमंदों को व्हील चेयर का संबल मिला। कुल 38 दिव्यांगों को कृत्रिम हाथ (08) और पैर (30) लगाकर नया जीवन दिया गया। पोलियो ग्रस्त 30 मरीजों को कैलीपर पहनाए गए। कुल 113 (100 स्टिक, 09 वॉकर और 04 स्मार्ट केन) वितरित किए गए। इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में भीलवाड़ा के पदाधिकारियों की भूमिका मुख्य रही। क्षेत्रीय संपर्क प्रमुख गोविंद प्रसाद सोडाणी, प्रांतीय सेवा संयोजक सर्वेश विजय, प्रांतीय संयोजक (संपर्क) रजनीकांत आचार्य, प्रांतीय प्रचार-प्रसार प्रमुख दिनेश वैष्णव, ब्यावर मुख्य शाखा कोषाध्यक्ष अशोक मेवाड़ा और प्रांतीय महासचिव आनंद सिंह राठौड़, गोपी किशन पाटोदिया सहित भीलवाड़ा के अनेक कार्यकर्ताओं ने वृंदावन पहुँचकर अपनी सेवाएं दीं। वक्ताओं ने गौरव के साथ उल्लेख किया कि भीलवाड़ा के संगठनों ने वृंदावन की पावन धरा पर जाकर न केवल शिविर का कुशल प्रबंधन किया, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँचकर उन्हें सम्मान से जीने का अधिकार दिलाया। यह पुनीत कार्य श्री भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (जयपुर), भारत विकास परिषद (राजस्थान मध्य प्रांत) एवं स्वामी श्री वामदेव अखण्ड ज्योति सेवा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

अंत में, क्षेत्रीय संपर्क प्रमुख गोविंद प्रसाद सोडाणी ने बताया कि इस सेवा यज्ञ को निर्बाध रूप से चलाने और अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक लाभ पहुँचाने के लिए दानदाताओं से आर्थिक सहयोग की अपेक्षा है। इच्छुक व्यक्ति संस्था से संपर्क कर अपना योगदान दे सकते हैं।

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