रसोई गैस की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने की मांग

Update: 2026-03-12 08:50 GMT

भीलवाड़ा। सामाजिक संस्था लाडो सेवा फाउंडेशन के संस्थापक एडवोकेट लक्ष्मण सिंह राठौड़ ने प्रदेश में रसोई गैस की डिलीवरी में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि सरकार के अनुसार राज्य में रसोई गैस का कोई संकट नहीं है, तो उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद भी समय पर गैस सिलेंडर क्यों नहीं मिल रहा। संस्था ने कहा कि इस स्थिति से आम उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि पहले उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बुकिंग के बाद उसी दिन या अगले दिन घर पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी मिल जाती थी, लेकिन वर्तमान में कई स्थानों पर उपभोक्ताओं को अपने खाली सिलेंडर लेकर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। इससे विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और कामकाजी परिवारों को काफी कठिनाई हो रही है।

लाडो सेवा फाउंडेशन ने कहा कि सरकार द्वारा लागू किया गया 25 दिन का राइडर भी कई परिवारों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। जिन परिवारों में प्रतिमाह दो सिलेंडर की आवश्यकता होती है, उनके लिए यह नियम घरेलू व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है और उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

संस्था ने यह भी कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की उपलब्धता प्रभावित होने से कई स्थानों पर होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आम लोगों को भोजन व्यवस्था में परेशानी हो रही है और सामाजिक आयोजनों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है।

लाडो सेवा फाउंडेशन ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि आम जनता की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए रसोई गैस की नियमित और समय पर होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए तथा 25 दिन के राइडर के नियम पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

संस्था ने कहा कि रसोई गैस आज हर घर की एक आवश्यक जरूरत बन चुकी है, इसलिए इसकी सुचारू आपूर्ति और वितरण व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जनहित के इस मुद्दे पर शीघ्र समाधान निकालना समय की आवश्यकता है।

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