जीएसटी 2.0 से भीलवाडा में निर्मित मैन मेड यार्न एवं सुटिंग की लागत में कमी आएगी

Update: 2025-09-04 12:03 GMT

भीलवाड़ा । जीएसटी 2.0 में अब जीएसटी के सिर्फ दो स्लेब 5 एवं 18 प्रतिशत होगे। भीलवाड़ा के टेक्सटाइल उद्योग के लिए यह एक सकारात्मक कदम है। मेवाड़ चैम्बर के मानद महासचिव आर के जैन ने बताया कि टेक्सटाइल क्षेत्र में जीएसटी युक्तिकरण संरचनात्मक विसंगतियों दूर होगी एवं कपडा निर्माण लागत कम होगी, इससे मांग बढे़गी एवं निर्यात प्रतिस्पर्द्धा में फाइबर एवं यार्न पर जीएसटी कम होने से निर्यात बढे़गा। जीएसटी युक्तिकरण से विसंगतियां कम होकर फाइबर से लेकर रेडीमेड तक टेक्सटाइल पूरी चैन में मूल्य श्रृंखला मज़बूत होगी।

मैन मेड फाइबर पर जीएसटी 12 प्रतिशत से कम होकर 5 प्रतिशत की गई है, इससे भीलवाडा में निर्मित मैन मेड यार्न एवं सुटिंग की लागत में कमी आएगी। मैन मेड यार्न पर भी जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की गई है। भीलवाडा के टेक्सटाइल उद्योग की लम्बे समय से मांग थी कि मैन मेड फाइबर एवं यार्न पर कॉटन के समान जीएसटी दरे की जाए। अब यह परिवर्तन से भीलवाडा का मैन मेड यार्न निर्माण एवं सुटिंग निर्माण को और गति मिलेगी। भीलवाडा में विभिन्न स्पिनिंग मिलों में लगभग 2.50 से 3 लाख टन मैन मेड यार्न बनता है। इसमें से करीब दो हजार करोड़ से अधिक का यार्न निर्यात किया जाता है। यार्न निर्यात में भी बढ़ोतरी होगी।

मेन मेड फाइबर पर जीएसटी कम होने से विभिन्न तरह के टेक्नीकल टेक्सटाइल उत्पादों में काम आने वाले सिंथेटिक वस्त्र अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी। रेडीमेड गारमेन्ट में 2500 रुपये से कम मूल्य के कपड़ों पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की स्लेब में किया गया है, इससे देश में रेडीमेड निर्माण में भीलवाड़ा में निर्मित पीवी ब्लैण्डेड सुटिंग एवं जींस निर्माण में ब्लैण्डेड डेनिम की मांग बढे़गी।

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