लसाड़िया के पास दिन-रात चल रहा बजरी का अवैध खनन, ग्रामीणों में भारी आक्रोश, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की गुहार

Update: 2026-04-01 07:53 GMT

बागोर (कैलाश शर्मा)। बागोर क्षेत्र के लसाड़िया के पास से गुजर रही कोठारी नदी इन दिनों रेत माफियाओं के निशाने पर है। नदी के पेटे से लगातार बजरी का अवैध दोहन किया जा रहा है। माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे बिना किसी खौफ के दिन-रात ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य भारी साधनों से नदी का सीना चीर कर रेत निकाल रहे हैं।

स्थानीय ग्रामीणों ने नदी के इस अंधाधुंध दोहन को लेकर कई बार कड़ा विरोध जताया है। ग्रामीणों द्वारा रेत माफियाओं को रोकने के जमीनी प्रयास भी किए गए, लेकिन माफियाओं की दबंगई और मनमानी के आगे उनकी एक नहीं चल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार अवैध खनन के कारण नदी के पेटे में बड़े-बड़े और गहरे गड्ढे हो गए हैं, जो मवेशियों और बच्चों के लिए कभी भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। इसके अलावा, रेत से ओवरलोड वाहन तेज गति से गांवों के रास्तों से गुजरते हैं, जिससे हर समय बड़े हादसों का अंदेशा बना रहता है और उड़ती धूल से पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है।

लगातार हो रहे इस अवैध खनन और माफियाओं के बेखौफ रवैये से स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने भीलवाड़ा जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और खनिज विभाग से पुरजोर मांग की है कि कोठारी नदी को छलनी कर रहे इस अवैध बजरी दोहन पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए। ग्रामीणों ने कहा है कि प्रशासन मूकदर्शक बनकर न बैठे और इन बजरी माफियाओं के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त और दंडात्मक कार्रवाई करे ताकि नदी के अस्तित्व को बचाया जा सके।

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