8 माह से बह रहा हजारों लीटर पानी, आमलीगढ़ पाछली के ग्रामीण प्यासे

Update: 2026-02-17 10:58 GMT

भीलवाड़ा (हलचल)। केंद्र सरकार की 'हर घर नल से जल' योजना के बड़े-बड़े दावों के बीच सुवाणा पंचायत समिति की आमलीगढ़ पाछली ग्राम पंचायत में जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। यहाँ जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई मुख्य पाइपलाइन पिछले आठ महीनों से क्षतिग्रस्त है। विडंबना यह है कि जहाँ एक ओर ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रोजाना हजारों लीटर स्वच्छ पानी जंगल में व्यर्थ बह रहा है।

गर्मी से पहले गहराया जल संकट

अभी गर्मी का मौसम पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है और क्षेत्र में पानी की किल्लत ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपलाइन दुरुस्त करने के लिए कई बार जिम्मेदार विभाग और पंचायत प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

शोभा की सुपारी बनी पनघट योजना की टंकियां

ग्रामीणों ने बताया कि केवल पाइपलाइन ही नहीं, बल्कि करोड़ों की लागत से बना ढांचा भी देखरेख के अभाव में दम तोड़ रहा है:

वार्ड नंबर 2: ग्रामीण गोविंद कुमार वैष्णव के अनुसार, 7 साल पहले पनघट योजना के तहत बनी पानी की टंकी केवल एक साल चली। पंचायत की लापरवाही से टंकी क्षतिग्रस्त हो गई और ट्यूबवेल की मोटर भी चोरी हो गई।

वार्ड नंबर 3: मनोहर लाल राव, गणेश सालवी, कालूलाल साहू और गणपत सेन ने बताया कि यहाँ लोहे का ढांचा बनाकर टंकी और बिजली कनेक्शन की व्यवस्था की गई थी। 11 महीने तक राहत मिलने के बाद पंचायत की अनदेखी से अज्ञात चोर टोंटियां चुरा ले गए और मोटर खराब हो गई।

6 वर्षों से बंद पड़ी है व्यवस्था

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 6 वर्षों से ये टंकियां केवल खंडहर बनकर रह गई हैं। शिकायतें अनसुनी होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पाइपलाइन की मरम्मत करवाई जाए और बंद पड़ी टंकियों को चालू कर जलापूर्ति बहाल की जाए, ताकि आने वाली भीषण गर्मी में जनता को राहत मिल सके।

Tags:    

Similar News