उत्तर भारत में कुदरत का कहर:: शीतलहर की चपेट में राजस्थान, दिल्ली-यूपी; घने कोहरे के साये में मनेगी मकर संक्रांति

Update: 2026-01-12 16:16 GMT


​नई दिल्ली/जयपुर। उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का सितम जारी है। पहाड़ों पर हो रही भारी बर्फबारी ने मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ा दी है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, मकर संक्रांति के पर्व पर घने कोहरे और गलन वाली ठंड का असर रहने की संभावना है, जिससे इस बार त्योहार का उत्साह कड़ाके की ठंड के बीच मनेगा।

​पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में ठिठुरन

​उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में पिछले 48 घंटों से लगातार बर्फबारी हो रही है। बद्रीनाथ, केदारनाथ और शिमला जैसे क्षेत्रों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। पहाड़ों से आने वाली सर्द हवाओं ने राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र और दिल्ली-एनसीआर में पारा सामान्य से नीचे गिरा दिया है। राजस्थान के फतेहपुर और चूरू में तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुँच गया है।

​कोहरे की चादर में लिपटे शहर

​मौसम विभाग की मानें तो दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिनों तक 'घना से बहुत घना' कोहरा छाए रहने के आसार हैं। दृश्यता (Visibility) शून्य से 50 मीटर तक रहने के कारण सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लंबी दूरी की कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

​मकर संक्रांति पर विशेष सावधानी की सलाह

​14-15 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर लोग सुबह-सुबह जलाशयों में स्नान और पतंगबाजी करते हैं। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि इस बार पड़ रही भीषण शीतलहर को देखते हुए बुजुर्ग और बच्चे सुबह की ठंड से बचें।

​तापमान: राजस्थान के कई जिलों में रात का पारा 2^\circ C से 5^\circ C के बीच रहने का अनुमान है।

​अलर्ट: अगले 4-5 दिनों तक राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।

​फसलों पर भी संकट

​कड़ाके की ठंड और पाला गिरने की संभावना से किसान भी चिंतित हैं। सरसों और रबी की अन्य फसलों को नुकसान पहुँचने की आशंका जताई जा रही है। कृषि विभाग ने किसानों को रात के समय खेतों की मेड़ पर धुआं करने और हल्की सिंचाई की सलाह दी है।

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