indore / siliguri महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में **निव्रह फाउंडेशन** और **लुनिया विनायक ग्रुप ऑफ कंपनीज़ (एलवी ग्रुप)** के सहयोग से महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की एक महत्वाकांक्षी योजना प्रारंभ की गई है। इस पहल का उद्देश्य केवल शहरों की ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को भी संगठित रूप से उद्योग और व्यवसाय से जोड़ना है।
लुनिया विनायक ग्रुप के प्रतिनिधियों ने बताया कि अब तक महिला उद्यमिता के क्षेत्र में अपेक्षित कार्य नहीं हो सका है, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में। इसी कमी को दूर करने के लिए यह समग्र मॉडल तैयार किया गया है, जिसमें महिलाओं को प्रशिक्षण से लेकर उत्पादन और विपणन तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान किया जाएगा।
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## विविध उद्योगों में महिलाओं को मिलेगा अवसर
इस परियोजना के अंतर्गत महिलाओं को अनेक क्षेत्रों में उद्यमी बनाया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
• फूड इंडस्ट्री
• ड्राई स्नैक्स यूनिट
• मसाला निर्माण इकाई
• ऑयल एक्सट्रैक्टर यूनिट
• फ्लोर मिल (आटा चक्की)
• बड़ी, पापड़ और अचार निर्माण
• हस्तशिल्प एवं होम डेकोर आइटम
• धार्मिक उत्पाद एवं पूजा सामग्री
• लॉर्ड क्लॉथ्स एवं भक्ति परिधान
• ब्यूटी एवं फैशन उद्योग
• लघु स्तर पर हर्बल व औषधीय उत्पाद निर्माण
• कृषि आधारित उद्योग
• मधुमक्खी पालन (बी-फॉर्मिंग)
• शिक्षा उद्योग
• मीडिया एवं क्रिएटिव इंडस्ट्री
इन सभी क्षेत्रों में महिलाओं को व्यवस्थित रूप से प्रशिक्षित कर उद्यमी के रूप में स्थापित किया जाएगा।
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## एलएलपी कंपनी में महिला होंगी फाउंडर पार्टनर
इस योजना के तहत प्रत्येक इकाई को विधिवत एलएलपी कंपनी के रूप में पंजीकृत किया जाएगा, जिसमें महिला उद्यमी को फाउंडर पार्टनर बनाया जाएगा।
महिलाओं को आवश्यक मशीनरी, तकनीकी प्रशिक्षण, उत्पादन प्रक्रिया की जानकारी तथा व्यवसाय संचालन के लिए पूर्ण तकनीकी और प्रबंधन सहयोग दिया जाएगा।
लुनिया विनायक ग्रुप ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें व्यवसाय की संपूर्ण संरचना को समझने और नेतृत्व करने का अवसर दिया जाएगा।
सेवा नहीं, व्यावसायिक मॉडल पर आधारित पहल
लुनिया विनायक ग्रुप के प्रतिनिधि ने बताया कि कई बार सेवा कार्यों में भावनात्मक जुड़ाव तो होता है, परंतु दीर्घकालिक सफलता की गारंटी नहीं होती। सेवा के क्षेत्र में निस्वार्थ भाव आवश्यक है, लेकिन अनेक बार भीतर कहीं न कहीं स्वार्थ का तत्व भी उत्पन्न हो जाता है, जिससे कार्य की गति प्रभावित होती है।
इसके विपरीत, जब बात व्यापार की आती है, तो लाभ अर्जित करने की स्पष्ट भावना के साथ सभी साझेदार अपना सर्वोत्तम योगदान देने के लिए प्रेरित रहते हैं। यही कारण है कि महिला उद्यमिता मॉडल को व्यावसायिक संरचना में विकसित किया गया है, जिससे पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और निरंतर प्रगति सुनिश्चित हो सके।
## एलवी ग्रुप का संपूर्ण परिवार देगा सहयोग
लुनिया विनायक ग्रुप ने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल एक कंपनी का प्रयास नहीं होगा, बल्कि एलवी ग्रुप का संपूर्ण परिवार इस पहल को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएगा।
प्रशिक्षण, उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण, ब्रांडिंग, विपणन और वितरण—इन सभी क्षेत्रों में समूह की विशेषज्ञ टीम महिलाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर कार्य करेगी।
# हर हाथ को रोजगार, हर घर में आत्मनिर्भरता
इस संयुक्त पहल का उद्देश्य केवल व्यवसाय स्थापित करना नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करना है।
यदि यह मॉडल सफल होता है, तो हजारों महिलाओं को स्थायी आय का स्रोत मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
लुनिया विनायक ग्रुप का मानना है कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तभी परिवार और समाज दोनों मजबूत होंगे।
## निष्कर्ष
निव्रह फाउंडेशन और लुनिया विनायक ग्रुप ऑफ कंपनीज़ का यह सहयोग महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी कदम है।
शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को उद्यमी बनाकर उन्हें एलएलपी कंपनी में भागीदारी देना, मशीनरी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना तथा पूर्ण तकनीकी और प्रबंधन सहयोग देना—यह मॉडल महिला उद्यमिता को नई दिशा दे सकता है।
यदि यह पहल व्यापक स्तर पर लागू होती है, तो आने वाले समय में “हर हाथ को रोजगार” और “हर घर में आत्मनिर्भरता” का सपना साकार होता दिखाई देगा।
