सर्वदलीय बैठक में जयशंकर का दो टूक संदेश, बोले- हम पाकिस्तान जैसे दलाल देश नहीं; ईरान युद्ध में मध्यस्थता के सवाल पर साफ रुख

By :  vijay
Update: 2026-03-25 18:30 GMT

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। इस दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान को एक दलाल देश कहा। उनका इशारा इस संघर्ष में पाकिस्तान की कथित मध्यस्थता की ओर था। सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि इस मामले में पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों में कुछ भी नया नहीं है। क्योंकि 1981 से ही अमेरिका उस देश का इस्तेमाल करता आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, संसद परिसर में पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा के लिए बुलाई गई इस बैठक में जयशंकर ने उपस्थित लोगों से कहा, हम कोई दलाल देश नहीं हैं।

बैठक में सरकार ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भारत इस मुद्दे पर चुप नहीं है, बल्कि लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पश्चिम एशिया के हालात पर विस्तृत प्रस्तुति दी। सरकार ने यह भी बताया कि उसका सबसे बड़ा फोकस खाड़ी क्षेत्र में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है, जिसमें अब तक सफलता मिली है।

पाकिस्तान की भूमिका पर सरकार ने क्या कहा?

सरकार ने पाकिस्तान को लेकर साफ कहा कि वह लंबे समय से अमेरिका के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। विदेश मंत्री के हवाले से कहा गया कि भारत ऐसी भूमिका नहीं निभाता और अपनी स्वतंत्र नीति पर चलता है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी तीसरे देश के जरिए अपनी कूटनीति नहीं करता।

क्या भारत पश्चिम एशिया मुद्दे पर चुप है?

विपक्ष ने आरोप लगाया कि भारत की प्रतिक्रिया कमजोर है, लेकिन सरकार ने इसे खारिज किया। सरकार ने बताया कि ईरान में भारतीय प्रतिनिधियों ने तुरंत जाकर संवेदना जताई थी और हर स्तर पर भारत सक्रिय है। सरकार ने कहा कि भारत हर स्थिति पर नजर रखे हुए है और जरूरी कदम उठा रहा है।

विपक्ष की नाराजगी और आगे क्या मांग?

कांग्रेस के तारिक अनवर ने कहा कि पाकिस्तान सक्रिय भूमिका निभा रहा है, जबकि भारत मूक दर्शक बना हुआ है। विपक्ष ने सरकार के जवाबों को असंतोषजनक बताते हुए लोकसभा और राज्यसभा में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग की। बैठक में कई विपक्षी नेताओं ने सुरक्षा, विदेश नीति और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सवाल उठाए।

सरकार ने दोहराया कि उसकी प्राथमिकता भारतीयों की सुरक्षा और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि देश को एकजुट रहकर इस स्थिति का सामना करना होगा।

Similar News