भारत की मेजबानी में 'मिलन-2026' नौसैनिक युद्धाभ्यास, 65 देशों की नौसेनाएँ शामिल

Update: 2026-02-16 10:03 GMT

 विशाखापत्तनम भारत इस वर्ष ‘मिलन-2026’ अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक युद्धाभ्यास की मेजबानी करने जा रहा है। इसके तहत भारतीय नौसेना ने रविवार को थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के नौसैनिक जहाजों का विशाखापत्तनम में स्वागत किया। युद्धाभ्यास का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग और सुरक्षा को बढ़ावा देना है।

पूर्वी नौसेना कमान ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर बताया कि रॉयल थाई नौसेना का अपतटीय गश्ती पोत एचटीएमएस क्राबी, रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना का फ्रिगेट एचएमएएस वारामुंगा और श्रीलंकाई नौसेना के एसएलएनएस नंदी मित्रा एवं एसएलएनएस सागरा को भारतीय नौसेना ने विशाखापत्तनम पहुंचने पर स्वागत किया।

‘मिलन-2026’ दो चरणों में आयोजित होगा। 19 और 20 फरवरी को बंदरगाह चरण होगा और 21 से 25 फरवरी तक बंगाल की खाड़ी में समुद्री चरण होगा। इस बार 65 देशों की नौसेनाओं का प्रतिनिधित्व रहेगा और कुल 71 जहाज भाग लेंगे, जिनमें 19 विदेशी युद्धपोत और 45 भारतीय नौसेना के जहाज शामिल हैं। शेष जहाजों में तटरक्षक बल, व्यापारिक नौसेना और अनुसंधान पोत शामिल होंगे।

भारतीय नौसेना का प्रमुख पोत आईएनएस विक्रांत पहले ही विशाखापत्तनम पहुंच चुका है। 18 फरवरी को राष्ट्रपति द्वारा समुद्र में अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा (आईएफआर) की जाएगी।

इस युद्धाभ्यास में अमेरिका, रूस, फ्रांस और जापान समेत कई देशों की नौसेनाएँ संयुक्त अभ्यास करेंगी। साथ ही हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी में 25 तटीय देशों के नौसेना प्रमुख भी हिस्सा लेंगे। समुद्री डकैती, आपदा राहत और अवैध गतिविधियों से निपटने के लिए साझा कार्यप्रणाली पर भी चर्चा होगी।

‘मिलन’ अभ्यास की शुरुआत 1995 में सिर्फ चार देशों के साथ हुई थी, जबकि अब यह विश्वभर की 65 नौसेनाओं को जोड़ने वाला बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच बन चुका है।

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