'चाय-पकौड़े और फोटोबाजी' की राजनीति: अमित शाह का राहुल गांधी पर करारा हमला
गुवाहाटी असम में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गर्माहट बढ़ गई है। आरोप-प्रत्यारोप की तेज होती सियासत के बीच राजनीतिक पार्टियों ने चुनावी रण में अपनी-अपनी तैयारी भी तेज कर दी है। इसी बीच दो दिवसीय असम दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी में नवनिर्मित प्राग्ज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई नई परियोजनाओं की शुरुआत भी की।
इस दौरान अमित शाह ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद देश के लोकतंत्र की सबसे बड़ी संस्था है और वहां इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। अमित शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कभी-कभी संसद के दरवाजे पर बैठकर चाय और पकौड़े खाते हैं और विरोध प्रदर्शन करते हैं। उनके अनुसार संसद परिसर ऐसा स्थान नहीं है जहां इस तरह का प्रदर्शन किया जाए। शाह ने कहा कि इससे देश की छवि दुनिया में खराब होती है।
लोकतांत्रिक परंपरा के उल्लंघन का आरोप
उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार का विरोध करने और प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन संसद के अंदर चर्चा करने के बजाय इस तरह का तरीका अपनाना सही नहीं है। शाह ने यह भी कहा कि संसद में बहस से बचना और बाहर इस तरह की गतिविधियां करना लोकतांत्रिक परंपरा के खिलाफ है। गृह मंत्री ने कहा कि जब दुनिया भर के लोग भारत की ताकत और युवाओं की क्षमता देखने आते हैं, तब इस तरह के कदम देश की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं करेगी।
असम की पिछले सरकार पर साधा निशाना
उद्घाटन के दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने पिछली कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रही कांग्रेस ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के बजाय अपने नेताओं के परिवारों की आर्थिक सेहत सुधारने पर ज्यादा ध्यान दिया। उनके अनुसार उस समय असम का स्वास्थ्य तंत्र काफी खराब हालत में था और लोगों को बेहतर इलाज के लिए कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।
गोलाघाट-तिनसुकिया में बने कैंसर केंद्रों का भी उद्घाटन
इसके साथ ही गृह मंत्री ने गोलाघाट और तिनसुकिया में बने कैंसर केंद्रों का भी उद्घाटन किया। इसके अलावा उन्होंने वर्चुअल माध्यम से दिफू, जोरहाट और बरपेटा मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में बनने वाले सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों की आधारशिला रखी। इतना ही नहीं अमित शाह ने गुवाहाटी के सिक्समाइल इलाके में बनने वाले स्वास्थ्य भवन और अभयापुरी जिला अस्पताल की भी आधारशिला रखी।
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की सराहना भी की
केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने सीएम सरमा की सरकार की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में असम के स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से सुधार हुआ है। शाह के मुताबिक अब असम की स्वास्थ्य व्यवस्था देश के विकसित राज्यों जैसे गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक के स्तर तक पहुंचने लगी है।
उन्होंने कहा कि सरकार अस्पतालों, डॉक्टरों और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है ताकि लोगों को अपने ही राज्य में बेहतर इलाज मिल सके। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उत्तर-पूर्व में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए काम कर रही हैं।
कैंसर के इलाज के लिए असम में तैयारी
इसके साथ ही इस दौरान असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि असम में कैंसर इलाज के लिए बड़ा नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोविड महामारी से पहले रतन टाटा असम आए थे और उस समय कार्यक्रम में अमिथ शाह भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री के अनुसार उस कार्यक्रम में अमित शाह ने रतन टाटा से कहा था कि उत्तर-पूर्व के हर राज्य में कैंसर अस्पताल बनाए जाने चाहिए। इसके बाद असम सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया।
पूरे असम में 17 कैंसर अस्पताल बनाने की योजना- सीएम
सीएम सरमा ने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य सरकार और टाटा ट्रस्ट के बीच एक समझौता हुआ, जिसमें तय किया गया कि असम सरकार 50% और टाटा ट्रस्ट 50% खर्च करेगा। सीएम ने बताया कि इस समझौते के तहत पूरे असम में 17 कैंसर अस्पताल बनाने की योजना शुरू की गई। इन अस्पतालों में कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और सर्जरी जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इस योजना के तहत अब तक 12 कैंसर अस्पताल बन चुके हैं और लोगों को बेहतर इलाज मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आज सरकारी क्षेत्र में कैंसर अस्पतालों का इतना बड़ा नेटवर्क शायद ही किसी दूसरे राज्य में हो, जितना असम में तैयार किया गया है।
