
भला बताइए… ऐसा कहीं होता है कि कोई आदमी कुछ काम न करे, चौबीसों घंटे सिर्फ शौक फरमाता रहे और उसकी संपत्ति दिन दुनी रात चौगुनी बढ़े? यानी आप दिन भर आराम फरमाते रहिए और आपके खजाने में पैसा रॉकेट की स्पीड से बढ़ता रहे? आप कहेंगे कि ऐसा हो ही नहीं सकता. लेकिन, यह सच्चाई है. दुनिया की सबसे अमीर महिला और वॉलमार्ट की उत्तराधिकारी एलिस वॉल्टन की यही कहानी है. अब जब हमने उनका नाम बता दिया है, तो आप उनके बारे में जानना भी चाहेंगे. आइए, जानते हैं उनकी पूरी कहानी.रुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2025 के अनुसार, वॉलमार्ट की उत्तराधिकारी एलिस वॉल्टन दुनिया की सबसे अमीर महिला बन गई हैं. 75 साल की एलिस की कुल संपत्ति 102 बिलियन अमेरिकी डॉलर (8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) है, जिसमें पिछले एक साल में 46% की बढ़ोतरी हुई. इसका कारण वॉलमार्ट के शेयरों की कीमतों में उछाल है. हैरानी की बात ये है कि एलिस वॉलमार्ट में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं संभालतीं और कंपनी से कोई सैलरी नहीं लेतीं. उनकी दौलत का स्रोत वॉलमार्ट की हिस्सेदारी है, लेकिन वह अपने पर्सनल वेंचर्स और शौक पर फोकस करती हैं.
संपत्ति में रोजाना 730 करोड़ की बढ़ोतरी
हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2025 के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति 102 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 8.5 लाख करोड़ रुपये) है. पिछले एक साल में उनकी संपत्ति में 46% की बढ़ोतरी हुई, यानी करीब 32 बिलियन डॉलर (2.7 लाख करोड़ रुपये) का इजाफा हुआ है. अब अगर इसे अगर इसे 365 दिनों में बांटें, तो औसतन उनकी संपत्ति में रोजाना लगभग 87.67 मिलियन डॉलर (730 करोड़ रुपये से ज्यादा) की वृद्धि हुई है.
शौक के लिए अरबों का खर्च
एलिस वॉल्टन को कला और घोड़े पालने का गहरा शौक है. 10 साल की उम्र में उन्होंने पिकासो की पेंटिंग की रेपलिका खरीदी, जो उनके आर्ट के प्रेम की शुरुआत थी. आज उनके पास एंडी वारहोल, नॉर्मन रॉकवेल, और जॉर्जिया ओकीफ जैसे दिग्गज कलाकारों की मूल कृतियों का कलेक्शन है, जिसकी कीमत 500 मिलियन डॉलर (4000 करोड़ रुपये से ज्यादा) है. 2011 में उन्होंने क्रिस्टल ब्रिजेस म्यूजियम ऑफ अमेरिकन आर्ट की स्थापना की, जो अब बेंटनविले, अर्कांसस में एक सांस्कृतिक केंद्र बन चुका है. इसके अलावा, वह टेक्सास में घोड़े पालने के शौक पर भी करोड़ों खर्च करती हैं.