अमेरिका दे सकता है भारत को वेनेजुएला से तेल खरीदने की मंजूरी, रिलायंस भी रेस में

Update: 2026-01-10 09:31 GMT

नई द‍िल्‍ली। ट्रम्प की बड़ी ऑयल कंपनियों से मुलाकात, 9 लाख करोड़ के निवेश का प्रस्ताव वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका भारत को वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति दे सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि अमेरिकी निगरानी और शर्तों के साथ यह व्यापार फिर से शुरू हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वर्षों से रुका वेनेजुएला–भारत तेल व्यापार दोबारा पटरी पर लौट सकता है। हालांकि फिलहाल इन शर्तों का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है।

रिलायंस को भी वेनेजुएला के तेल में दिलचस्पी : रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की दिग्गज निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज अमेरिका से मंजूरी लेकर वेनेजुएला का तेल फिर से खरीदना चाहती है। सूत्रों के मुताबिक रिलायंस इसके लिए यूएस स्टेट डिपार्टमेंट और ट्रेजरी डिपार्टमेंट से बातचीत कर रही है।

पश्चिमी देशों के दबाव में रूस से तेल आयात घटाने की संभावनाओं के बीच रिलायंस वैकल्पिक सप्लाई स्रोत सुरक्षित करने की कोशिश में है।

2019 के प्रतिबंधों से रुका था भारत–वेनेजुएला व्यापार

वेनेजुएला OPEC का सदस्य है और उसके पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, लेकिन वह वैश्विक सप्लाई का सिर्फ करीब 1% योगदान देता है।2019 में अमेरिका ने वेनेजुएला पर कड़े आर्थिक और सेकेंडरी प्रतिबंध लगाए थे, जिसके तहत वेनेजुएला से तेल खरीदने वाली कंपनियों को अमेरिकी बाजार और बैंकिंग सिस्टम से बाहर किया जा सकता था।

इन प्रतिबंधों के चलते भारत ने भी वेनेजुएला से तेल खरीदना बंद कर दिया था, जबकि एक समय भारत अपने कुल तेल आयात का करीब 6% वेनेजुएला से लेता था।

आंशिक राहत में बढ़ा था आयात, फिर लगी ब्रेक : 2023–24 में अमेरिका ने कुछ समय के लिए प्रतिबंधों में ढील दी, जिससे भारत ने दोबारा वेनेजुएला से तेल खरीदना शुरू किया। 2024 में आयात 63,000 से 1 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंचा और 2025 में यह बढ़कर करीब 1.41 अरब डॉलर हो गया। लेकिन मई 2025 में अमेरिका ने फिर से सख्ती बढ़ा दी, जिसके बाद 2026 की शुरुआत में वेनेजुएला से भारत का तेल आयात घटकर सिर्फ 0.3% रह गया।

रिलायंस का जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स अहम कड़ी

रिलायंस इंडस्ट्रीज के गुजरात स्थित जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स की क्षमता करीब 14 लाख बैरल प्रतिदिन है, जो दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स है।2025 के शुरुआती चार महीनों में PDVSA ने रिलायंस को चार जहाजों से रोजाना लगभग 63,000 बैरल तेल सप्लाई किया था, लेकिन अमेरिकी लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद मई 2025 में आखिरी खेप भारत पहुंची।

ट्रम्प का वेनेजुएला प्लान : निवेश और मुनाफा साझा करने का फॉर्मूला

शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में एक्सॉन मोबिल, शेवरॉन और कोनोकोफिलिप्स जैसी बड़ी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। ट्रम्प ने वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में करीब 9 लाख करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव रखा।

ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका तय करेगा कि कौन सी कंपनियां वेनेजुएला में निवेश करेंगी और मुनाफा वेनेजुएला, अमेरिका और कंपनियों के बीच साझा किया जाएगा।

अमेरिका को मिलेगा 3–5 करोड़ बैरल प्रतिबंधित तेल

ट्रम्प के मुताबिक वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को 3 से 5 करोड़ बैरल प्रतिबंधित तेल सौंपेगी, जिसे बाजार भाव पर बेचा जाएगा।5 करोड़ बैरल तेल की मौजूदा कीमत करीब 25 हजार करोड़ रुपए आंकी गई है। इस रकम पर अमेरिकी नियंत्रण रहेगा और इसका उपयोग दोनों देशों के हित में किया जाएगा।

ट्रम्प ने ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट को इस योजना को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं।

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