होली 2026: भद्रा और चंद्रग्रहण के साये के बीच जानें होलिका दहन और धूलंडी की सही तारीख

Update: 2026-02-22 10:42 GMT


भीलवाड़ा। रंगों का त्योहार होली इस बार ज्योतिषीय गणनाओं के कारण विशेष चर्चा में है। साल 2026 में भद्रा और चंद्रग्रहण की स्थिति के चलते तारीखों को लेकर बना संशय अब दूर हो गया है। वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर होने वाला यह पर्व इस बार मार्च के पहले सप्ताह में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।

होलिका दहन और पूर्णिमा तिथि का गणित

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 02 मार्च 2026 को शाम 05:55 बजे से होगी और समापन 03 मार्च 2026 को शाम 05:07 बजे होगा। शास्त्रोक्त नियमों के आधार पर:

होलिका दहन: 03 मार्च 2026, मंगलवार

रंगों वाली होली (धूलंडी): 04 मार्च 2026, बुधवार

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त और भद्रा का साया

इस वर्ष होलिका दहन पर भद्रा का साया रहेगा, इसलिए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। भद्राकाल में होलिका पूजन और दहन वर्जित माना गया है।

भद्रा काल: 03 मार्च को सुबह 01:25 से सुबह 04:30 बजे तक (भद्रा की समाप्ति के बाद ही पूजन श्रेष्ठ है)।

होलिका दहन शुभ मुहूर्त: 03 मार्च को शाम 06:22 से रात 08:50 बजे तक।

पूजा सामग्री की सूची

होलिका दहन की पूजा के लिए इन सामग्रियों को पहले से ही एकत्रित कर लें:

कच्चा सूत, अक्षत (चावल), रोली, गुलाल, फूल और माला।

गेहूं की बालियां, गन्ना, गुड़, नारियल, बताशा और जल।

विशेष सावधानी

ज्योतिषियों के अनुसार, साल 2026 में होली के आसपास ग्रहण की स्थिति भी बन रही है, जिसे देखते हुए पूजा-पाठ और दान-पुण्य का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण भगवान की कथा और दान करना शुभ फलदायी रहेगा।

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