
नवरात्रि में रामनवमी का उत्सव भगवान श्रीराम के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, और इस दिन ध्वज लगाने का विशेष महत्व होता है. ध्वज को विजय, धर्म, शक्ति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. इस अवसर पर भक्त अपने घरों, मंदिरों और राम भक्त हनुमानजी के स्थानों पर विशेष रूप से ध्वज स्थापित करते हैं.
पताका लगाने के लाभ
परिवार में खुशहाली और समृद्धि बनी रहती है.
बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा मिलती है.
भगवान श्रीराम और हनुमानजी की कृपा प्राप्त होती है.
जीवन में सफलता और विजय की संभावनाएं बढ़ जाती हैं.
पताका लगाने की सही विधि
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रामनवमी के अवसर पर स्नान करने के बाद भगवा या पीले रंग की पताका पर “श्रीराम” लिखकर इसे घर के मुख्य द्वार, मंदिर या छत पर स्थापित करें.
हनुमानजी के मंदिर में लाल या केसरी रंग की पताका अर्पित करें.
पताका लगाने से पूर्व उसमें हल्दी, चंदन और अक्षत का तिलक करना न भूलें.
धार्मिक महत्व
विजय और साहस का प्रतीक – श्रीराम ने अधर्म के प्रतीक रावण पर विजय हासिल की थी. यह विजय पताका के रूप में स्थापित की जाती है, जो उनके इस महान कार्य का प्रतीक है.
शुभता और समृद्धि का प्रतीक – हिंदू धर्म में पताका को शुभता और मंगलकारी ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. यह घर में सुख, शांति और समृद्धि लाने में सहायक होती है.
हनुमानजी की कृपा का साधन – राम भक्त हनुमानजी को ध्वज अत्यधिक प्रिय है. रामनवमी के अवसर पर हनुमानजी के मंदिरों में पताका चढ़ाने से विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है.
संकटों से सुरक्षा – यह मान्यता है कि घर, मंदिर, या वाहन पर भगवा पताका लगाने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.