बच्चे की खामोशी में छिपा संदेश, समय रहते समझना है जरूरी

Update: 2026-02-21 01:30 GMT

बच्चे अक्सर अपनी भावनाएं खुलकर शब्दों में नहीं बता पाते। कई बार उनका व्यवहार ही संकेत देता है कि उन्हें माता-पिता के समय, ध्यान और सहयोग की जरूरत है। इन संकेतों को समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि लगातार अनदेखी से बच्चे के आत्मविश्वास और मानसिक विकास पर असर पड़ सकता है।

पहला संकेत बार-बार गुस्सा या चिड़चिड़ापन

अगर बच्चा छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करने लगे या जल्दी रोने लगे, तो यह भीतर की किसी परेशानी का इशारा हो सकता है। वह अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर पा रहा हो और आपका ध्यान चाहता हो।

दूसरा संकेत पढ़ाई या रोजमर्रा की गतिविधियों में अचानक गिरावट

यदि बच्चा पढ़ाई, खेल या अन्य गतिविधियों में अचानक रुचि खोने लगे, तो यह भावनात्मक असुरक्षा या तनाव का संकेत हो सकता है। ऐसे में उसे डांटने की बजाय समझने की जरूरत होती है।

तीसरा संकेत बार-बार बीमार पड़ना या शारीरिक शिकायतें

कई बार मानसिक तनाव सिरदर्द, पेटदर्द या थकान के रूप में सामने आता है। यदि बच्चा अक्सर बिना स्पष्ट कारण के अस्वस्थ महसूस करे, तो यह ध्यान देने का विषय है।

चौथा संकेत अकेले रहना या अचानक चुप हो जाना

अगर बच्चा पहले मिलनसार था और अब खुद को अलग रखने लगा है, तो यह संकेत हो सकता है कि वह किसी बात से परेशान है और आपसे भावनात्मक सहारा चाहता है।

पांचवां संकेत बार-बार आपकी सराहना या पुष्टि चाहना

जब बच्चा हर छोटी बात पर आपसे पूछे कि उसने ठीक किया या नहीं, तो यह उसके भीतर असुरक्षा की भावना दर्शाता है। उसे भरोसा दिलाने और समय देने की जरूरत है।

बच्चों के इन संकेतों को समय रहते समझ लेना ही बेहतर परवरिश की कुंजी है। थोड़ा सा समय, प्यार और धैर्य बच्चे के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।

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