फाल्गुन में बदलता मौसम बढ़ाता है सर्दी-जुकाम का खतरा, अपनाएं ये खानपान नियम

Update: 2026-02-16 01:40 GMT


फाल्गुन मास में मौसम तेजी से बदलता है। सुबह-शाम हल्की ठंड रहती है, जबकि दिन में गर्मी बढ़ने लगती है। इस तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण शरीर को खुद को संतुलित करने में समय लगता है, जिससे सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं।

इस समय हवा में परागकणों की मात्रा भी बढ़ती है, जिससे एलर्जी की समस्या हो सकती है। कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

क्या खाएं

मौसमी फल जैसे संतरा, अमरूद और पपीता लें, जो विटामिन सी से भरपूर होते हैं।

हल्दी वाला दूध, अदरक की चाय और तुलसी का काढ़ा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार हो सकता है।

गरम और ताजा बना भोजन करें। मूंग दाल, सब्जियों का सूप और दलिया जैसे हल्के आहार पाचन के लिए अच्छे रहते हैं।

गुनगुना पानी पीना लाभकारी होता है।

क्या न खाएं

बहुत ठंडे पेय, आइसक्रीम और फ्रिज का पानी से बचें।

तला-भुना और ज्यादा मसालेदार भोजन कम करें।

बासी भोजन और खुला स्ट्रीट फूड लेने से बचें।

साथ ही सुबह-शाम हल्की ठंड में गरम कपड़े पहनें, पर्याप्त नींद लें और नियमित व्यायाम करें। मौसम के बदलाव के इस दौर में संतुलित आहार और सावधानी से सर्दी-जुकाम से बचाव संभव है।

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