महंगाई की सुस्त रफ्तार:: दिसंबर में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 1.33% हुई, फिर भी RBI के लक्ष्य से काफी नीचे
नई दिल्ली। भारत की खुदरा महंगाई दर (CPI) में दिसंबर 2025 में मामूली बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, दिसंबर में महंगाई दर बढ़कर 1.33% पर पहुँच गई, जो पिछले महीने यानी नवंबर में 0.71% के स्तर पर थी। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह लगातार 11वाँ महीना है जब खुदरा महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4% के मध्यम अवधि के लक्ष्य से काफी नीचे बनी हुई है।
क्यों बढ़ी महंगाई?
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में इस वृद्धि के पीछे मुख्य रूप से खाद्य वस्तुओं की कीमतों में आया उछाल है। ग्रामीण और शहरी, दोनों ही क्षेत्रों में महंगाई के ग्राफ में बढ़ोत्तरी देखी गई है।
कीमतों में वृद्धि के मुख्य कारक:
सब्जियां और दालें: बेमौसम बारिश और शीत लहर के चलते सब्जियों और दालों की कीमतों में तेजी आई।
प्रोटीन डाइट: अंडे, मांस और मछली की दरों में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
मसाले: मसालों के बाजार में बढ़ती मांग के कारण कीमतों पर दबाव बढ़ा।
पर्सनल केयर: व्यक्तिगत देखभाल से जुड़े उत्पादों (Personal Care Products) की कीमतों में भी उछाल देखा गया।
ग्रामीण बनाम शहरी महंगाई
सांख्यिकी विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, महंगाई का असर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लगभग समान रूप से देखा गया है। दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतों में अस्थिरता के कारण उपभोक्ता के खर्च करने की क्षमता पर इसका असर पड़ा है।
RBI के लिए क्या हैं संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही महंगाई दर में बढ़ोत्तरी हुई है, लेकिन 1.33% का स्तर अभी भी बेहद सुरक्षित दायरे में है। इससे आने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों (Repo Rate) को लेकर रिजर्व बैंक का रुख लचीला रह सकता है।
