सब-इंस्पेक्टर भर्ती में हाइट मापदंड पर गंभीर सवाल, ADGP सचिन मित्तल व बिपिन कुमार पांडेय को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश
जयपुर।
राजस्थान पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक मापदंडों, विशेष रूप से हाइट मापन में कथित अनियमितताओं को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में चल रहे मामले में अहम घटनाक्रम सामने आया है। न्यायमूर्ति अशोक कुमार जैन ने इस प्रकरण में सचिन मित्तल, तत्कालीन ADGP (Promotion & Recruitment Board) तथा बिपिन कुमार पांडेय, वर्तमान ADGP (Promotion & Recruitment Board) को 30 जनवरी को प्रातः 10:30 बजे व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला उन अभ्यर्थियों से जुड़ा है जिन्होंने सब-इंस्पेक्टर भर्ती में हाइट में छूट (Relaxation) का लाभ लिया, जबकि नियमों के अनुसार जब तक निर्धारित फिटनेस/फिट प्रमाणपत्र मौजूद हो, तब तक ही ऐसी छूट दी जा सकती थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ ऐसे अभ्यर्थी भी थानेदार बन गए जिनकी वास्तविक लंबाई 168 सेंटीमीटर भी नहीं थी, लेकिन रिकॉर्ड में उनकी लंबाई अधिक दर्शा दी गई।
इस पूरे प्रकरण को लेकर प्रताप मीणा एवं अन्य, जो स्वयं शारीरिक मानकों को पूर्ण करने वाले अभ्यर्थी हैं, ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने 14 मार्च 2024 को आदेश पारित करते हुए याचिकाकर्ताओं तथा निजी प्रतिवादियों की हाइट और चेस्ट मापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह भी कहा गया था कि जिन अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जा चुकी है, नियुक्ति के समय के मापन विवरण (Measurement Details) भी रिकॉर्ड पर पेश किए जाएँ।
विभाग की ओर से इस संबंध में अब तक तीन बार शपथपत्र (Affidavit) दाखिल किए जा चुके हैं, किंतु न्यायालय को संतोषजनक उत्तर न मिलने पर न्यायमूर्ति अशोक कुमार जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों वरिष्ठ अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य कर दी।
यह मामला न केवल भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है, बल्कि भविष्य की पुलिस भर्तियों में शारीरिक मापदंडों के पालन को लेकर भी दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।
याचिकाकर्ताओं की तरफ़ से अधिवक्ता तनवीर अहमद ने पैरवी की
ललित शर्मा
वार्ता
