आशा सहयोगिनियों ने अपनी लंबित मांगों के समाधान की मांग उठाई

Update: 2026-02-07 09:26 GMT

ब्यावर । आशा सहयोगिनियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार से अपील की है। उन्होंने बजट घोषणा 2026-27 में ठोस प्रावधान करने की मांग उठाई है। आशा सहयोगिनी संगठन राजस्थान के बैनर तले जिले की आशा सहयोगिनियों ने एकजुट होकर राज्य सरकार के नाम तहसीलदार हनुमंत सिंह को 6 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा, जिसमें आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है।

संगठन की प्रदेशाध्यक्ष निर्मला सेन ने बताया कि राजस्थान में वर्तमान में लगभग 53,563 आशा सहयोगिनी कार्यरत हैं। इनका चयन दिसंबर 2003 से किया गया था। प्रारंभिक दौर में उन्हें 500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था, जबकि वर्तमान में उन्हें केवल 4,959 रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि मिल रही है। यह राशि उनके कार्यभार, जिम्मेदारियों और सेवाओं की तुलना में कम है। संगठन की प्रमुख मांगों में बजट सत्र 2026-27 में न्यूनतम 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्हें राजस्थान संविदा सेवा नियम 2022 में शामिल करने, पदोन्नति एवं वेतन वृद्धि की स्पष्ट व्यवस्था करने, योग्यता व अनुभव के आधार पर आशा सुपरवाइजर एवं एएनएम पदों पर समायोजन करने, तथा सेवानिवृत्ति राशि योजना लागू करने की मांग की गई है। 

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