शहर की स्वच्छता और व्यवस्थाओं को लेकर जिला कलक्टर सख्त स्ट्रीट लाइटें सुचारू करें जिला कलक्टर
चित्तौड़गढ़, । जिला कलक्टर आलोक रंजन ने मंगलवार को कलक्ट्रेट स्थित समिति कक्ष में शहर की स्वच्छता, रोशनी और शहरी व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में शहर की साफ-सफाई, मुख्य मार्गों पर लाइटिंग तथा आवारा पशुओं की समस्या के समाधान पर विशेष जोर दिया गया।
सफाई और कचरा संग्रहण में कोताही पर कार्रवाई के निर्देश
जिला कलक्टर ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कचरा संग्रहण टेंपो नियमित रूप से चलाए जाएं। नगर परिषद को प्रतिदिन की सफाई प्रगति की सुबह और शाम, दोनों समय रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
स्ट्रीट लाइट और लाइटिंग का होगा निरंतर निरीक्षण
शहर की रोशनी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कलक्टर ने निर्देश दिए कि मुख्य सड़कों की सभी खराब या बंद स्ट्रीट लाइटों को तुरंत बदला जाए। साथ ही, जो नई लाइटिंग लगाई गई है, उसका भी निरंतर निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए ताकि रात के समय आमजन को असुविधा न हो।
आवारा पशुओं से मुक्त होंगे मुख्य मार्ग
यातायात को सुगम बनाने के लिए जिला कलक्टर ने कलेक्ट्रेट, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और मुख्य चौराहों पर घूम रहे आवारा पशुओं को चिन्हित कर सुरक्षित स्थानों (गौशालाओं) पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने यूआईटी सचिव को सप्ताह में दो दिन विभिन्न संस्थाओं के साथ समन्वय कर मॉनिटरिंग करने हेतु पाबंद किया।
वार्डों का करें नियमित निरीक्षण
जिला कलक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने निर्धारित वार्डों का रोजाना निरीक्षण करने तथा शहर को स्वच्छ व पॉलीथिन-मुक्त बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि शहर की स्वच्छता, रोशनी और सुव्यवस्थित आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) प्रभा गौतम, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद विनय पाठक, एडीएम रामचंद्र खटीक, एडीएम (रावतभाटा) विनोद मल्होत्रा, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश पुरोहित, कोषाधिकारी दिग्विजय सिंह झाला,यूआईटी सचिव एवं नगर परिषद प्रशासक कैलाश चंद्र गुर्जर, एसडीएम बीनू देवल, यूआईटी से अंशुल आमेरिया सहित नगर परिषद के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
