सफाई कर्मचारीयो की भर्ती नियमित के बजाय संविदा पर लेना वाल्मीकि समाज पर कुठाराघात होगा: जाडावत
चित्तौड़गढ़ |पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने कहा है कि राज्य की भजनलाल सरकार ने सफाई कर्मचारियों की स्थायी भर्ती प्रक्रिया को संविदा में लेने का बदलाव करने का प्रयास वाल्मीकि समाज पर कुठाराघात है सरकार की नियत साफ नहीं है पहले भी सफाई कर्मचारीयो की भर्ती के नियमों में बदलाव कर इस प्रकिया को ठप्प कर अब नया नियम बनाने जा रही भजनलाल सरकार वाल्मीकि समाज का शोषण करना चाहती है एक प्रमुख समाचार पत्र के अनुसार 5 साल का कार्य देखकर नियमित करना एक तुगलकी फरमान जैसा है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी भर्ती मुख्य रूप से नियमित करना ही वाल्मीकि समाज के हित में रहेगा इस समाज जिससे उनका हक छिना जा रहा है जबकि सफाई कार्य पारंपरिक रूप से वाल्मीकि समाज से जुड़ा है, सरकार स्थायी पदों को खत्म कर संविदा पर भर्ती करना चाहती है, जिससे भविष्य में नौकरी की सुरक्षा नहीं रहेगी राजस्थान में सफाई कर्मचारी भर्ती में स्थायीकरण और सामाजिक न्याय से जुड़ा है, जिसे वाल्मीकि समाज अपने हितों के खिलाफ देखेगा उन्होंने कहा कि स्थायी भर्ती प्रक्रिया को बहाल किया जाए।