नए भारत का नया कानून वी.बी.-जीरामजी : पारदर्शिता के साथ मिलेगा 125 दिन का रोज़गार – डॉ. मंजू बाघमार

Update: 2026-01-13 12:27 GMT

निंबाहेड़ा। महिला एवं बाल विकास तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग की राज्य मंत्री एवं चित्तौड़गढ़ जिले की प्रभारी मंत्री डॉ. मंजू बाघमार एवं पूर्व यूडीएच मंत्री एवं विधायक श्रीचंद कृपलानी ने सोमवार को निंबाहेड़ा उपखंड की ग्राम पंचायत ढोरिया में आयोजित रात्रि चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। चौपाल के दौरान 41 से अधिक परिवाद प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष परिवादों के समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को 3 से 4 दिवस में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

पीएम आवास की दूसरी किस्त व उज्ज्वला गैस कनेक्शन वितरित

रात्रि चौपाल के दौरान प्रभारी मंत्री ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की दूसरी किस्त के चेक, उज्ज्वला योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को गैस कनेक्शन वितरित किए। साथ ही उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

ढोरिया में आंगनवाड़ी भवन व पशु चिकित्सालय की घोषणा

ग्रामीणों द्वारा आंगनवाड़ी भवन की मांग पर विधायक कृपलानी की अनुशंसा पर रात्रि चौपाल में ही प्रभारी मंत्री ने डीएमएफटी मद से भवन निर्माण के निर्देश दिए। इसके साथ ही ग्राम में पशु चिकित्सालय की स्थापना हेतु बजट प्रस्ताव तैयार कर भिजवाने की घोषणा की। चौपाल में विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति, सड़क निर्माण, विद्युत आपूर्ति तथा राजस्व विभाग से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से रखा गया।

वी.बी.-जीरामजी अधिनियम ग्रामीण सशक्तिकरण का प्रतीक

डॉ. मंजू बाघमार ने विकसित भारत–रोज़गार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 (वी.बी.-जीरामजी) की जानकारी देते हुए कहा कि यह कानून नए भारत की सोच को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में यह अधिनियम मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा अपने समय की आवश्यकता थी, लेकिन अब सरकार ने अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित एवं नियमबद्ध व्यवस्था के रूप में वी.बी.-जीरामजी अधिनियम लागू किया है।

हर ग्रामीण परिवार को मिलेगा 125 दिन का रोज़गार

प्रभारी मंत्री ने बताया कि इस अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष न्यूनतम 125 दिन का मज़दूरी रोज़गार सुनिश्चित किया गया है, जो पूर्व की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी और पलायन पर रोक लगेगी। राजस्थान जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए यह कानून अत्यंत लाभकारी है।

उन्होंने यह भी बताया कि फसल बुवाई व कटाई के समय राज्यों को 60 दिन का अस्थायी विराम देने का अधिकार होगा, जिससे कृषि कार्य प्रभावित न हों। मज़दूरी भुगतान साप्ताहिक अथवा अधिकतम 15 दिवस में होगा, विलंब पर मुआवज़ा अनिवार्य रहेगा।

ग्राम सभा करेगी कार्यों का चयन, होगी सामाजिक लेखा परीक्षा

वी.बी.-जीरामजी के अंतर्गत जल संरक्षण, सड़क निर्माण, जल सुरक्षा एवं जलवायु परिवर्तन से जुड़े स्थायी विकास कार्य किए जाएंगे। कार्यों का चयन ग्राम सभा द्वारा किया जाएगा तथा सामाजिक लेखा परीक्षा अनिवार्य होगी। रोजगार आवंटन पूरी तरह बायोमेट्रिक एवं पारदर्शी प्रणाली से होगा। समय पर कार्य उपलब्ध नहीं होने पर 15 दिन बाद बेरोज़गारी भत्ता देना भी अनिवार्य होगा।

डॉ. बाघमार ने स्पष्ट किया कि यह अधिनियम पंचायतों के अधिकारों को कमजोर नहीं करता बल्कि उन्हें और अधिक सशक्त बनाता है। यह एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है, जिसमें सामान्य राज्यों के लिए 60:40, उत्तर-पूर्वी व हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 तथा कुछ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100 प्रतिशत केंद्र वित्तपोषण का प्रावधान है।

वी.बी.-जीरामजी अधिनियम ग्रामीण भारत को आय, सम्मान और सुरक्षित भविष्य की गारंटी देने वाला कानून– कृपलानी

निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने अपने संबोधन में कहा कि वी.बी.-जीरामजी अधिनियम ग्रामीण भारत को आय, सम्मान और सुरक्षित भविष्य की गारंटी देने वाला कानून है। यह आत्मनिर्भर भारत और समावेशी विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुँचे।

निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने कहा कि राज्य सरकार के नेतृत्व में निंबाहेड़ा विधानसभा क्षेत्र में निरंतर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि निंबाहेड़ा–मंगलवाड़ फोरलेन सड़क का निर्माण क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग थी, जो अब पूरी होने जा रही, इसके निर्माण होने से आवागमन सुगम होगा तथा औद्योगिक, व्यापारिक और सामाजिक गतिविधियों को गति मिली है।

विधायक कृपलानी ने कहा कि कनेरा में गर्ल्स कॉलेज की स्थापना से क्षेत्र की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे महिला शिक्षा को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही छोटीसादड़ी में एडीजे कोर्ट की स्थापना से आमजन को न्यायिक कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और समयबद्ध न्याय सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सड़क, न्याय, स्वास्थ्य और पेयजल जैसे मूलभूत क्षेत्रों में सरकार ने ठोस कार्य किए हैं।

ये रहे उपस्थित अधिकारी व जनप्रतिनिधि

रात्रि चौपाल में जिला कलक्टर आलोक रंजन, जिला परिषद सीईओ विनय पाठक, उपखंड अधिकारी विकास पंचोली, पूर्व विधायक अशोक नवलखा, निवर्तमान जिला प्रमुख गब्बर सिंह अहीर, पूर्वी मंडल अध्यक्ष अशोक जाट, पश्चिम मंडल अध्यक्ष राजेंद्र सिंह शक्तावत, नगर मंडल अध्यक्ष कपिल चौधरी, जिला प्रवक्ता मानवेंद्र सिंह चौहान, पूर्व सरपंच फलवा शंभुलाल जाट, पूर्व पंचायत समिति सदस्य मुन्नालाल धाकड़, पूर्व सरपंच शिवनारायण धाकड़, लसडावन सरपंच रमेश बोरीवाल, जावदा सरपंच प्रतिनिधि अमर सिंह रावत, मंडला चारण सरपंच प्रतिनिधि गणेशदान चारण, जीएसएस अध्यक्ष शांतिलाल मेनारिया, मंडल उपाध्यक्ष प्रहलाद प्रजापत, पूर्व महामंत्री राजेश जैन, विशाल आमेटा, शिवलाल चौधरी, अरविंद सिंह, आईदान चारण, पुष्कर धाकड़, रामपाल मेघवाल, जितेंद्र सिंह, पुलिस उप अधीक्षक बद्रीलाल राव, पंस विकास अधिकारी लक्ष्मण लाल खटीक, तहसीलदार घनश्याम जरवार, जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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