वैश्विक संकट के बीच सख्त रुख: एलपीजी-पीएनजी की निर्बाध आपूर्ति के निर्देश, कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई का ऐलान
चित्तौड़गढ़, ।वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनज़र खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, राजस्थान सरकार के मंत्री द्वारा समस्त जिला रसद अधिकारियों, प्रवर्तन स्टाफ एवं तेल कंपनियों के प्रभारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
वीसी में एलपीजी गैस वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं सुदृढ़ बनाने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। शहरी क्षेत्रों में गैस सिलेंडर बुकिंग की अवधि 25 दिवस तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिवस निर्धारित की गई है। प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडरों की बुकिंग ऑनलाइन की जा रही है तथा वितरण डीएसी (DAC) के माध्यम से किया जा रहा है। निर्देश दिए गए कि 100 प्रतिशत सिलेंडर वितरण डीएसी के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाए।
गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक डिलीवरी के पश्चात डिलीवरी मैन उपभोक्ता की गैस डायरी में डिलीवरी की तिथि, अपना नाम एवं मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज करें। फील्ड में डीएसओ, ईओ एवं ईआई द्वारा इसकी नियमित जांच की जाएगी। उल्लंघन पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम (एक एक्ट ) के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज किए जाएंगे।
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कमर्शियल गैस कनेक्शन जारी करने के लिए तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया है। साथ ही चित्तौड़गढ़ शहर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की पाइपलाइन का व्यापक विस्तार हो चुका है। इच्छुक उपभोक्ताओं द्वारा आवेदन करने पर नए कनेक्शन शीघ्र उपलब्ध कराए जाएंगे। पीएनजी गैस एलपीजी की तुलना में किफायती एवं निर्बाध आपूर्ति वाली है, इसलिए इसके अधिकाधिक उपयोग हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए।
केंद्र सरकार द्वारा प्रवासी मजदूर परिवारों के लिए 5 किलोग्राम गैस सिलेंडर की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, शैक्षणिक संस्थाओं जैसी छूट प्राप्त श्रेणी (एक्सेम्पटेड केटेगरी ) को एक से अधिक मोबाइल नंबर पंजीकरण की सुविधा देने के लिए तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया है। उपभोक्ताओं को भी आवश्यकता अनुसार अपने गैस कनेक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर में परिवर्तन की सुविधा दी गई है, जिसके लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन आवश्यक होगा।
जिला कलक्टर आलोक रंजन द्वारा जिला सतर्कता समिति को गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पंपों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में आज सभी उपखण्ड अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया गया। जिले में कुल 161 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनकी कुल भंडारण क्षमता पेट्रोल 3045 किलोलीटर एवं डीजल 5901 किलोलीटर है। वर्तमान में जिले में 1095 किलोलीटर पेट्रोल एवं 1978 किलोलीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है।
इसी प्रकार जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों का वर्तमान स्टॉक 8945 तथा व्यावसायिक सिलेंडरों का स्टॉक 542 है, जो पर्याप्त है। आमजन से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें, जिले में कहीं भी गैस अथवा पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने निर्देश दिए कि एलपीजी गैस, पेट्रोल पंपों एवं अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की नियमित निगरानी की जाए तथा कहीं भी शॉर्टेज, कालाबाजारी या दुरुपयोग की स्थिति न बनने दी जाए। कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए सीधे एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही तेल कंपनियों के अधिकारियों की बैठक लेकर नियमित रूप से स्टॉक एवं वितरण की समीक्षा करते हुए दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
