हिंदी साहित्य में विकास अग्रवाल को पीएचडी की उपाधि

Update: 2026-01-11 10:17 GMT


चितौड़गढ़। भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय, उदयपुर के दीक्षांत समारोह में राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सतपुड़ा के कार्यवाहक प्रिंसिपल विकास कुमार अग्रवाल को विद्या वाचस्पति (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई।

अग्रवाल ने अपने शोध ‘हिंदी साहित्य में मेवाड़ : अध्ययन एवं विश्लेषण’ के तहत मेवाड़ को केवल ऐतिहासिक परिपेक्ष्य और युद्धभूमि तक ही सीमित न रखते हुए, हिंदी साहित्य में राष्ट्रचेतना, सांस्कृतिक स्वाभिमान, सम्प्रदायिक सौहार्द, शौर्य, त्याग और नैतिक मूल्यों के सशक्त प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है।

यह शोध कार्य भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय, उदयपुर में विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य डॉ. हुसैनी बोहरा के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। शोध कार्य में कन्या महाविद्यालय चित्तौडगढ के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गोपाल जाट एवं निम्बाहेडा महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर राजेंद्र सिंघवी का भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन रहा। शोध में हिंदी साहित्य की विभिन्न विधाओं के माध्यम से मेवाड़ की सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय भावबोध, सामाजिक मूल्यों और ऐतिहासिक चेतना का समग्र साहित्यिक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। अग्रवाल की इस अकादमिक उपलब्धि पर शिक्षा एवं साहित्य जगत ने हर्ष व्यक्त किया है।

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