धौलपुर। राजस्थान के धौलपुर जिले में बजरी माफियाओं का दुस्साहस कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सरमथुरा थाना इलाके के झिरी गांव का है, जहां झिरी वन्यजीव चम्बल सेवर की चौकी पर तैनात वन रक्षक को अवैध चम्बल बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली ने कुचल दिया। ट्रैक्टर के पहिये वन रक्षक के पैर पर से होकर निकल गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सरमथुरा अस्पताल से जयपुर हायर सेंटर रेफर किया गया है। वन रक्षक की हालत नाजुक बनी हुई है।
सरमथुरा उपखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय वन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि आठ जनवरी 2026 की रात साढ़े बारह बजे नाका झिरी रेन्ज चम्बल सेवर के वनपाल ने फोन कर सूचना दी कि तैनात वन रक्षक जीतेन्द्र सिंह शेखावत को अवैध बजरी खनन माफियाओं ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचलने की कोशिश की है। घायल वन रक्षक को तुरंत सरमथुरा अस्पताल भेजा गया।
नाका झिरी इंचार्ज के अनुसार मौके पर देखा गया कि वन रक्षक का बायां पैर बुरी तरह कुचला हुआ था और वह बेहोश था। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे करौली भेजा गया, लेकिन वहां से हायर सेंटर जयपुर रेफर किया गया। घायल वन रक्षक का उपचार वर्तमान में जयपुर में चल रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि घटना चौकी से मात्र 200 मीटर की दूरी पर हुई। बजरी खनन माफिया तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भाग गए, जो झिरी सरपंच प्रतिनिधि के मकान पर लगे सीसीटीवी में कैद हो गए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बजरी माफियाओं का आतंक इतना बढ़ गया है कि वे किसी को भी टक्कर मारने से नहीं चूकते, और कई बार पुलिस को भी निशाना बना चुके हैं। घटना में ट्रैक्टर ट्रॉली का पहिया वन रक्षक की जांघ के ऊपर से गुजर गया, जिससे बांयी जांघ और पैर कुचल गया। चंबल नदी के तटीय क्षेत्र से बजरी माफिया ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से अवैध बजरी परिवहन कर रहे हैं।
