रेल अंडर ब्रिज की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, पैसेंजर ट्रेन रोकी

Update: 2026-01-19 11:24 GMT

श्रीगंगानगर। रेल अंडर ब्रिज निर्माण की मांग को लेकर सोमवार सुबह ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। सूरतगढ़ क्षेत्र के मोहननगर में ग्रामीणों ने पैसेंजर ट्रेन को रोककर रेलवे ट्रैक पर धरना दे दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक आरयूबी का निर्माण नहीं होगा, तब तक वे ट्रैक से नहीं हटेंगे।

जानकारी के अनुसार, सूरतगढ़ के लोग सुबह करीब 10 बजे मोहननगर रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर पहुंचे। इसके बाद 10 बजकर 40 मिनट पर श्रीगंगानगर-सूरतगढ़ पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया गया। इस दौरान ट्रेन लगभग 25 मिनट तक ट्रैक पर खड़ी रही, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

संघर्ष समिति एकता मंच मोहननगर के प्रधान सरदार दर्शन सिंह ने बताया कि मोहननगर में रेल अंडर ब्रिज की मांग को लेकर पिछले 15 वर्षों से आंदोलन किया जा रहा है। सोमवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने एक बार फिर ट्रेन रोककर अपना विरोध दर्ज कराया। इससे पहले करीब एक घंटे तक लगभग 300 ग्रामीण रेलवे ट्रैक पर धरने पर बैठे रहे।

ट्रेन के मोहननगर पहुंचते ही ग्रामीणों ने उसे रोक लिया। ट्रेन में सवार पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने ग्रामीणों से समझाइश की। इसके बाद रेलवे अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने ग्रामीणों को छह माह में आरयूबी निर्माण कराने का स्वीकृति पत्र सौंपा।

ग्रामीणों का कहना है कि मोहननगर और आसपास के गांवों के लोग रोजाना इसी रेलवे क्रॉसिंग से होकर गुजरते हैं। स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चे, किसान, महिलाएं और बुजुर्गों को तेज रफ्तार ट्रेनों के बीच पटरी पार करनी पड़ती है। इससे हादसों की आशंका बनी रहती है।

ग्रामीणों ने बताया कि इस रेलवे क्रॉसिंग पर कई बार हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद रेलवे प्रशासन आरयूबी निर्माण को लेकर गंभीर नहीं है। लंबे समय से लिखित शिकायतें और ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

इसी नाराजगी के चलते सुबह गंगानगर-सूरतगढ़ पैसेंजर ट्रेन के पहुंचते ही ग्रामीण इंजन के आगे ट्रैक पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक आरयूबी निर्माण को लेकर लिखित आश्वासन और समय सीमा तय नहीं होती, तब तक ट्रेन नहीं चलने दी जाएगी।

ट्रेन में सवार सैकड़ों यात्री इस दौरान फंसे रहे। कई यात्रियों ने परेशानी के चलते ट्रेन से उतरकर पैदल ही अपने गंतव्य की ओर जाने की कोशिश की। रेलवे के स्थानीय अधिकारी और स्टाफ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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