बाल विवाह का प्रयास या तैयारी ही अपराध है

By :  vijay
Update: 2026-03-18 16:20 GMT

 

उदयपुर, । चाइल्ड फण्ड इंडिया उदयपुर द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर, जिला बाल संरक्षण इकाई, राजस्थान राज्य बाल अधिकार आयोग और जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में बाल विवाह निषेध अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम और पोक्सो अधिनियम पर जिले की बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन हेल्प लाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई, मानव तस्करी निरोधक इकाई, महिला पुलिस थाना, किशोर गृह, बालिका गृह, शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारियों और बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत जमीनी कार्यकर्ताओं की बुधवार को एक दिवसीय क्षमतावर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम संचालक चाइल्ड फण्ड इंडिया के राजेश शर्मा ने बताया कि यह कार्यशाला बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की सफलता और राजस्थान में बाल विवाह के प्रति जागरूकता को लेकर जमीनी कार्यकर्ताओं और प्रशासन के अधिकारियों के लिए विधि के प्रावधान और कानून की जानकारी व्यापक रूप से देकर सही जागरूकता लाना कार्यशाला में माननीय विशेष न्यायाधीश महेंद्र कुमार दवे, माननीय सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुलदीप शर्मा, डॉ शैलेन्द्र पंड्या, पूर्व सदस्य बाल आयोग एवं बाल संरक्षण विशेषज्ञ, श्री ध्रुव कविया सदस्य बाल आयोग, श्रीमान के. के. चंद्रवंशी उप निदेशक बाल अधिकारिता विभाग उदयपुर, श्रीमान संजय जोशी उपनिदेशक महिला अधिकारिता विभाग उदयपुर, श्री रामा राव उपनिदेशक चाइल्ड फण्ड इंडिया द्वारा विस्तार से बाल विवाह निषेध अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम और पोक्सो अधिनियम की बारीकियों को समझया और कानून में सख्ती से कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया बच्चो के सर्वोत्तम हित और सर्वांगीण अधिकारों के लिए कानून की समझ और जागरूकता जरुरी है . डॉक्टर शैलेन्द्र पंड्या और श्रीमान कुलदीप शर्मा जी ने विस्तार से बाल विवाह अधिनियम की जानकारी दी और 21 धाराओ के महत्व को बताते हुए कहा की बाल विवाह की तय्यारी या प्रयास ही अपराध है विशेष न्यायाधीश श्री महेंद्र कुमार दवे ने बताया की विधि के सम्मान और सजकता से ही समाज में जागरूकता आ सकेगी, श्रीमान के के चन्द्रवंशी जी ने प्रशासन के भूमिका और उत्तरदायित्वो की जानकारी दी, कार्यशाला में विभिन्न विभागों से 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

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