‘एनआईकेकेआई’ ह्यूमनॉइड रोबोट का अनावरण, राजस्थान ने तकनीकी नवाचार में भरी उड़ान
उदयपुर । राजस्थान के उभरते तकनीकी परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए, निमो लैबस ने एनआईकेकेआई (निक्की) नामक एआई आधारित ह्यूमनॉइड रोबोट का सफलतापूर्वक अनावरण किया। निमो लैबस के निदेशक नितिन पुरोहित ने बताया कि इस रोबोट को पूरी तरह आधारभूत स्तर से निर्मित किया गया है।
आई स्टार्ट से रजिस्टर्ड स्टार्टअप नीमो लैब्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड रोबोटिक्स सेक्टर में निरंतर कार्यरत्त है, एवं इनके द्वारा प्रशिक्षित छात्र आई स्टार्ट द्वारा आयोजित आइडियाथोन में लगातार भाग लेते रहे है। राजस्थान सरकार आइस्टर्ट प्रोजेक्ट के माध्यम से इन्नोवेशन, एवं उद्यमिता को बढ़ावा दे रही है। नीमो लैब्स का ये नवाचार उदयपुर क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इस अवसर पर कई गणमान्य अतिथि, शिक्षाविद एवं उद्योग विशेषज्ञ उपस्थित रहे, जिन्होंने इस नवाचार को सराहा। निक्की रोबोट कृत्रिम बुद्धिमत्ता, एम्बेडेड सिस्टम्स और इंटरएक्टिव तकनीकों का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह उपलब्धि स्थानीय प्रतिभा और व्यावहारिक नवाचार की क्षमता को दर्शाती है, जिसे विशेषज्ञों ने “ ’अपने आप में अनोखा’ ” बताते हुए राजस्थान के लिए एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि माना।
कार्यक्रम के दौरान आईस्टार्ट के उप निदेशक जीवन राम ने निमो लैबस के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के नवाचार भविष्य में सहयोग के नए अवसर खोलते हैं और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करते हैं। वहीं, एमएसएमई के अतिरिक्त निदेशक श्री गणेश ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के रोबोट भविष्य की आवश्यकता हैं और यह एक महत्वपूर्ण शुरुआत साबित होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उद्योगों में ऑटोमेशन की भारी मांग है, विशेष रूप से वहां जहां कम लागत में प्रभावी समाधान की आवश्यकता होती है। बइसी क्रम में, स्वदेशी जागरण मंच के क्षेत्र संयोजक सतीश कुमार आचार्य ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ मानवीय स्पर्श बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि विकास संतुलित और समाज के लिए उपयोगी बन सके। निमो लैबस की टीम ने बताया कि उनका उद्देश्य छात्रों को प्रयोगात्मक और प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार करना है। निक्की रोबोट शिक्षा, प्रदर्शन और मानव-रोबोट संवाद के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह उपलब्धि न केवल निमो लैबस को एक अग्रणी इनोवेशन सेंटर के रूप में स्थापित करती है, बल्कि राजस्थान को रोबोटिक्स और एआई के क्षेत्र में एक उभरते केंद्र के रूप में भी सशक्त बनाती है।