आयड़ तीर्थ में आज से पंचकल्याण पूजा के साथ शुरु होगा तीन दिवसीय अनुष्ठान
उदयपुर, । तपागच्छ की उद्गम स्थली आयड़ जैन मंदिर में जैन श्वेताम्बर महासभा के तत्तवावधान में कला पूर्ण सूरी समुदाय की साध्वी जयदर्शिता , जिनरसा , जिनदर्शिता व जिनमुद्रा महाराज आदि ठाणा की चातुर्मास सम्पादित हो रहा है। महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि शुक्रवार को आयड़ तीर्थ के आत्म वल्लभ सभागार में सुबह 7 बजे साध्वियों के सानिध्य में ज्ञान भक्ति एवं ज्ञान पूजा, अष्ट प्रकार की पूजा-अर्चना की गई। सभी श्रावक-श्राविकाओं ने जैन ग्रंथ की पूजा-अर्चना की।
महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि तीन दिवसीय आयोजन के तहत शनिवार 13 सितम्बर को पंचकल्याण पूजा का आयोजन होगा उसके बाद 14 सितम्बर को 18 अभिषेक का आयोजन होगा तथा 15 सितम्बर को शांति स्नात्र महोत्सव का आयोजन होगा। शांति स्नात्र में 10 दिगपाल, 9 नवग्रह एवं पाटला पूजन, कुंभ स्थापना का आयोजन होगा। आयोजन को लेकर तैयारी जोरों पर है।
शुक्रवार को आयड़ तीर्थ पर धर्मसभा में साध्वी जयदर्शिता ने कहा कि इंसान को संवेदनशील, करुणावान एवं सरल हृदय होना चाहिए। जो जीव हिंसाजनित कार्यों में रत रहते हैं एवं पंचेन्द्रिय जीवों की हिंसा करते हैं वे नरकगामी बनते हैं। दूसरों के प्रतिकरुणा का भाव रखने वाले यथासंभव सबकी मदद करते हैं और पुण्य का अर्जन करते हैं जबकि संवेदन शून्यता आत्मा को भारी बनाती है, यदि हम दयावान और करुणावान बनेंगे तो दुर्गति के ताले लग जाएंगे। जागरणा तीन प्रकार की होती है-धर्म जागरणा, अधर्म जागरणा एवं सुदक्ष जागरणा। जब व्यक्ति निज स्वरूप का चिंतन करता है तो यही धर्म जागरणा है। जब व्यक्ति संसार संबंधी चीजों का चिंतन करता है तो यह अधर्म जागरणा है। जब व्यक्ति सद् विचारों के साथ संकल्प करता है तो वह सुदक्ष जागरणा कहलाती है।
इस अवसर पर कुलदीप नाहर, भोपाल सिंह नाहर, अशोक जैन, संजय खाब्या, भोपाल सिंह परमार, सतीश कच्छारा, चतर सिंह पामेचा, राजेन्द्र जवेरिया, अंकुर मुर्डिया, पिन्टू चौधरी, हर्ष खाब्या, गजेन्द्र खाब्या, नरेन्द्र सिरोया, राजू पंजाबी, रमेश मारू, सुनील पारख, पारस पोखरना, राजेन्द्र जवेरिया, प्रकाश नागौरी, दिनेश बापना, अभय नलवाया, कैलाश मुर्डिया, गोवर्धन सिंह बोल्या, दिनेश भंडारी, रविन्द्र बापना, चिमनलाल गांधी, प्रद्योत महात्मा, रमेश सिरोया, कुलदीप मेहता आदि मौजूद रहे।