उदयपुर । पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के तीन दिवसीय ‘ऋतु वसंत‘ कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत व नृत्य के क्षेत्र में स्थापित कलाकार 20 से 22 फरवरी तक नवाचारों सहित अपनी प्रस्तुतियाें से क्लासिकल के रसिकों का दिल जीतेंगे। इस कार्यक्रम की तैयारियां जारी हैं।
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर केंद्र के निदेशक फुरकान खान ने बताया कि उत्सव के पहले दिन शिल्पग्राम के मुक्ताकाशी मंच पर देश के वरिष्ठतम बांसुरी वादकों में से एक दिल्ली के संगीतज्ञ चेतन जोशी के बांसुरी वादन से शास्त्रीय संगीत प्रेमियों को रिझाएंगे। इनके साथ आंजनेय जोशी बांसुरी और पंडित हितेंद्र दीक्षित तबले पर संगत करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा साल 2019 के लिए केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से नवाजे जा चुके चेतन जोशी अपने बांसुरी वादन में ऋतु के वसंती रंग शिल्पग्राम की फिज़ां में घोलेंगे। बता दें, जोशी विकसित की गई एक ही बांसुरी में साढ़े तीन सप्तक बजाने की विशिष्ट पद्धति से विश्व के संगीत पटल पर अपनी छाप छोड़ चुके हैं।
निदेशक खान ने बताया कि इसी दिन मशहूर नृत्यांगना दिल्ली की गौरी दिवाकर कथक की उत्कृष्ट प्रस्तुति देंगी। बता दें, भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक की प्रसिद्ध नृत्यांगना एवं कोरियोग्राफर ने अपनी कलात्मक प्रस्तुतियों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रभावशाली प्रदर्शन के माध्यम से भारतीय संस्कृति का गौरव बढ़ाया है। नई दिल्ली की इस नृत्यांगना ने पारंपरिक कथक को आधुनिक अभिव्यक्ति के साथ प्रस्तुत कर कला जगत में विशिष्ट पहचान बनाई है। वे लंदन के दरबार फेस्टिवल सहित सिडनी डांस फेस्टिवल और एडिनबर्ग फ्रिंज फेस्टिवल में अपनी प्रस्तुतियों से जहां दर्शकों का मन मोह चुकी हैं, वहीं समीक्षकों से भी खासी प्रशंसा पा चुकी हैं। वे अपने ग्रुप के साथ शिल्पग्राम में कथक प्रस्तुतियों में जहां वासंती रंग के साथ मां सरस्वती को रिझाएंगी, वहीं कथक प्रेमियों काे मंत्र मुग्ध करेंगी।