उदयपुर की तैराकी प्रतिभाओं को मिली बड़ी सौगात: 160 बच्चों के लिए आवासीय प्रशिक्षण शिविर का आगाज
उदयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अभिनव पहल के तहत चलाए जा रहे पंच गौरव कार्यक्रम के सकारात्मक एवं दूरगामी परिणाम नजर आने लगे हैं। राज्य सरकार के इस नवाचार को हाथों हाथ लेते हुए जिला कलक्टर नमित मेहता की पहल पर उदयपुर में “एक जिला - एक खेल” की अवधारणा को साकार करने के प्रयास शुरू हुए। इसी कड़ी में तैराकी प्रतिभाओं की तलाश कर उन्हें तराशने के यज्ञ में महत्वपूर्ण आहुति शनिवार को समर्पित की गई। इसके तहत ब्लॉक स्तर पर आयोजित तैराकी टेलेन्ट सर्च प्रतियोगिताओं से चयनित 160 नवोदित प्रतिभाओं के लिए 15 दिवसीय निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण शनिवार को महाराणा प्रताप खेलगांव में प्रारंभ हुआ।
शिविर के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा रहे। कार्यक्रम में समाजसेवी चंद्रगुप्त सिंह चौहान, प्रमोद सामर, उपनिदेशक सूचना एवं जनसंपर्क गौरीकांत शर्मा, विक्रमसिंह चंदेला, दिलीप सिंह चौहान, संयुक्त निदेशक सांख्यिकी पुनीत शर्मा, कुंतल जोशी, गिरधारीसिंह चौहान तथा प्रदीप रवानी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक मीणा ने कहा कि जनजातीय अंचलों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन प्रदान करने की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खेलों के विकास और ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ लेकर खिलाड़ी राज्य और देश का नाम रोशन कर सकते हैं। विधायक मीणा ने विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्र के बालक-बालिकाओं की खेल प्रतिभा पर विश्वास व्यक्त करते हुए उन्हें अनुशासन, नियमित अभ्यास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण शिविर न केवल उदयपुर जिले में तैराकी प्रतिभाओं को निखारने का एक सशक्त मंच है, बल्कि भविष्य में इन खिलाड़ियों को राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी है। समारोह का संचालन रणवीर सिंह राणावत ने किया।
विशेषज्ञ सिखाएंगे तैराकी के गूर
जिला खेल अधिकारी डा महेश पालीवाल ने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा पंच गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत 7 मार्च से 12 मार्च 2026 तक उदयपुर जिले की सभी पंचायत समिति मुख्यालयों पर तैराकी प्रतियोगिताओं एवं प्रतिभा खोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान में जिले के विभिन्न ब्लॉकों बड़गांव, गिर्वा, गोगुन्दा, सायरा, देवला, झाड़ोल, फलासिया, कोटड़ा, नयागांव, खैरवाड़ा, ऋषभदेव, कुराबड़, मावली, भीण्डर, वल्लभनगर तथा उदयपुर शहर से लगभग 741 तैराकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रत्येक ब्लॉक से 10 श्रेष्ठ तैराकों का चयन किया गया है। इस प्रकार कुल 160 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को इस प्रतिभा खोज आवासीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि चयनित खिलाड़ियों में से लगभग 100 बालक-बालिकाएं जनजाति क्षेत्र से हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेल के माध्यम से अपने भविष्य को संवारने का संकल्प लेकर इस शिविर में भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण शिविर के अंतर्गत खिलाड़ियों को तैराकी की उन्नत तकनीकों जैसे स्टार्ट, टर्न एवं फिनिश तकनीक, फिटनेस एवं सहनशक्ति विकास, स्पीड प्रशिक्षण, तथा खेल अनुशासन, पोषण एवं खेल मनोविज्ञान जैसे विषयों पर विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। खिलाड़ियों के लिए आवास, भोजन, तैराकी खेल किट, ट्रैक सूट, जूते एवं मोज़े की व्यवस्था जिला प्रशासन एवं खेल विभाग द्वारा की गई है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शिविर में प्रतिदिन प्रातःकालीन तैराकी अभ्यास, तकनीकी प्रशिक्षण सत्र, सैद्धांतिक कक्षाएँ तथा फिटनेस एवं खेल कौशल विकास गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिससे खिलाड़ियों का समग्र खेल विकास सुनिश्चित हो सके।