बनेड़ा में 300 वर्षों की शाही परंपरा जीवंत: धूमधाम से निकली गणगौर माता की सवारी
बनेड़ा (के.के. भण्डारी)। भारतीय संस्कृति के वैभवशाली पर्व गणगौर के अवसर पर रियासतकालीन कस्बे बनेड़ा में गणगौर माता की भव्य शाही सवारी परंपरागत हर्षोल्लास के साथ निकाली गई। तीन शताब्दियों से भी अधिक समय से निरंतर चली आ रही इस परंपरा ने एक बार फिर क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की।
मेवाड़ की ऐतिहासिक धरा का हिस्सा रहे बनेड़ा में राजपरिवार द्वारा गणगौर महापर्व पर शाही ठाठ-बाट के साथ सवारी निकालने की गौरवशाली परंपरा रही है। पूर्व में यह सवारी बनेड़ा किले से प्रारंभ होती थी, जिसे अब वर्तमान में नजरबाग स्थित अक्षय भवन (राजमहल) से निकाला जाता है।
बैंड-बाजों के साथ मानकुंड पहुंची सवारी
परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष भी बनेड़ा राजपरिवार के मुखिया राजाधिराज गोपाल चरण सिंह सिसोदिया के सानिध्य में गणगौर माता की सवारी अक्षय भवन से रवाना हुई। लवाजमे और बैंड-बाजों की मधुर स्वर लहरियों के बीच सवारी चौकी बावड़ी व मुख्य बाजार मार्ग से होती हुई पुराने बस स्टैंड स्थित ऐतिहासिक मानकुंड पहुंची। यहाँ विधि-विधान से पूजा-अर्चना के पश्चात सवारी पुन: अक्षय भवन लौटकर विसर्जित हुई।
बड़ी संख्या में उमड़ा जनसैलाब
इस दौरान राजाधिराज गोपाल चरण सिसोदिया के साथ रतन सिंह कमालपुरा, राजपाल सिंह सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। महोत्सव में मातृशक्ति और ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। महिलाओं व युवतियों ने पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर रीति-रिवाजों के साथ माता की पूजा की और सुख-समृद्धि की कामना की।
भीलवाड़ा हलचल न्यूज पोर्टल पर अपनी खबर देने के लिए संपर्क करें:
समाचार: प्रेम कुमार गढवाल 9413376078 (Email: bhilwarahalchal@gmail.com, व्हाट्सएप: 9829041455)
विज्ञापन: विजय गढवाल 6377364129
संपर्क कार्यालय: भीलवाड़ा हलचल, कलेक्ट्री रोड, नई शाम की सब्जी मंडी, भीलवाड़ा फोन: 7737741455
