108 कलशों के साथ रूपपुरा में गूंजा शिव नाम, शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा संपन्न

Update: 2026-02-13 13:21 GMT

शाहपुरा किशन वैष्णव )क्षेत्र के निकटवर्ती गांव रूपपुरा में आयोजित चतुर्थ दिवसीय श्री शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की पूर्णाहुति आज विशाल हरिबोल प्रभातफेरी के साथ होगी इससे पूर्व शुक्रवार को श्रद्धा,भक्ति और उल्लास के साथ शिव परिवार नर्मदेश्वर महादेव की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। चार दिनों तक पूरा गांव आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा और हर ओर भगवान भोलेनाथ के जयकारों की गूंज सुनाई देती रही। ग्रामीणों की एकजुटता और सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

11 फरवरी 2026 को 108 कलशों के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। महिलाएं पारंपरिक परिधान में सिर पर सजे कलश धारण कर मंगल गीत गाती हुई चल रही थीं, वहीं पुरुष वर्ग ढोल-नगाड़ों और जयघोष के साथ शोभायात्रा में शामिल रहा।प्राण प्रतिष्ठा के बाद महादेव का नाम श्री नर्मदेश्वर महादेव नामकरण किया गया।गांव की गलियां हर हर महादेव और श्री नर्मदेश्वर महादेव की जय के नारों से गूंज उठीं। यात्रा के पश्चात स्थापित मंडल देवताओं की विधिवत पूजा-अर्चना की गई और पूरे विधि-विधान से धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई।12 फरवरी को वैदिक ब्राह्मणों के सान्निध्य में मंडल पूजा और हवन कर्म सम्पन्न हुआ। यज्ञ स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे गांव के परिवार जोड़े सहित यज्ञ में शामिल हुए और आहुति देकर गांव की सुख-समृद्धि, शांति और उन्नति की कामना की। मंत्रोच्चारण के बीच वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु भाव-विभोर दिखाई दिए।13 फरवरी शुक्रवार को प्रातः 9 बजकर 15 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्री शिव परिवार की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई। मंदिर शिखर पर कलश स्थापना का पावन कार्य भी इसी दौरान पूर्ण किया गया। इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। भगवान महादेव का नामकरण श्री नर्मदेश्वर महादेव रखा गया। जैसे ही नाम की घोषणा हुई, पूरे परिसर में जोरदार जयकारे गूंज उठे और भक्तों ने श्रद्धा से शीश नवाया।रात्रि में विशाल भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें भक्ति गीतों और कीर्तनों की मधुर प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर रात तक भक्तजन भक्ति में लीन रहे और वातावरण पूरी तरह शिवमय बना रहा।आज पूर्णाहुति के साथ यज्ञ सम्पन्न होगा। इसके बाद गांव में भव्य राम धूनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें ग्रामीणों द्वारा सामूहिक रूप से प्रभु नाम का संकीर्तन कर महाप्रसाद वितरण के साथ चार दिवसीय धार्मिक महोत्सव का समापन होगा।चार दिनों तक चले इस आयोजन में गांववासियों की आस्था, सहयोग और भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिली। रूपपुरा में सम्पन्न यह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव न केवल धार्मिक उत्सव रहा, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक श्रद्धा का प्रेरणादायक संदेश भी दे दिया गया।

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