फूलियाकलां राजेश शर्मा। पद का दुरूपयोग कर नियम विरूद्ध पट्टा जारी किये जाने सम्बन्धी आरोप प्रमाणित पाये जाने पर प्रकरण के अन्तर्गत राज्य सरकार ने ग्राम पंचायत धनोप प्रशासक श्रीमती रिंकू वैष्णव को प्रशासक पद से पदमुक्त किया। त्रिलोक चन्द मीना अतिरिक्त आयुक्त एवं शासन उप सचिव (द्वित्तीय) जिला कलेक्टर भीलवाडा को प्रेषित कर श्रीमती रिंकू देवी वैष्णव के स्थान पर विभागीय आदेश क्रमांक 13524345 दिनांक 11.02.2025 की पालना में निवर्तमान उप सरपंच को प्रशासक पद का कार्य प्रभार दिलवाकर विभाग को सूचित करने का आदेश दिया। गौरतलब है कि फर्जी पट्टा जारी करने के संबंध में 9 जनों सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी, वार्ड पंच एवं अन्य जनों के खिलाफ कन्हैया लाल वैष्णव निवासी धनोप ने न्यायालय के जरिए 5 मार्च 2024 को फूलियाकलां थाना में मामला दर्ज कराया। जिसमें
जगदीश वैष्णव, बनवारी वैष्णव, ग्राम विकास अधिकारी भागचंद मीणा, पंचायत सहायक ओनाड माली, सरपंच रिंकू देवी वैष्णव, वार्ड पंच सोनू देवी, कालूराम गुर्जर, संजय दरोगा, मुकेश कुमार साधु के खिलाफ रिपोर्ट दी। संपूर्ण मामले में पुलिस ने मामला अपराध धारा 406, 420 व 120 बी आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
यह था पूरा मामला
धनोप ग्रांम पंचायत का मामला, पट्टा प्रकरण की जांच में सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी दोषी।ग्राम पंचायत की ओर से पूर्व में पट्टा बनाने के प्रकरण की जांच में सरपंच एवं ग्राम विकास अधिकारी दोषी पाया गया है। ग्राम पंचायत ने पट्टे पर पट्टा जारी किया था। इस मामले में कन्हैया लाल वैष्णव धनोप ने फर्जी पट्टा बनाने व रजिस्ट्री कराने के मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद पंचायत समिति की ओर से गठित जांच कमेटी सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी को दोषी माना। ग्राम पंचायत की ओर से जारी पट्टे की पत्रावली में पाया गया कि जिस विक्रय पत्र के आधार पर पट्टा बनाया गया। इस पर खरीददार जगदीश/रामपाल दास के हस्ताक्षर नहीं है। कथित बिकाव पत्र में दुकान का 1/2 हिस्सा 21 जून 1994 को विक्रय किये जाने का अंकन है। उक्त दिनांक से विक्रयकर्ता की मृत्यु दिनांक 22 अप्रैल 2007 तक खरीददार जगदीश/रामपाल दास द्वारा रजिस्ट्री नहीं
करवाया जाना पाया गया। इसके साथ ही विक्रेता मिठुलाल साधू की मृत्यु 22 अप्रैल 2007 से पूर्व दिनांक 15 अप्रैल 2007 को ग्राम पंचायत धनोप के जगदीश/रामपाल दास को विवादित दुकान की भूमि का पट्टा जारी नहीं करने की सशुल्क आपत्ति भी दर्ज पाई गई। जिसका निस्तारण ग्राम पंचायत ने नहीं किया। ग्राम पंचायत द्वारा परिवादी बनवारी लाल वैष्णव को जारी आवासीय पट्टा नियम 157 (1) की विचरित मिसल पत्रावली में राजस्थान पंचायतीराज नियम 1996 के नियम 148 की पालना नहीं की गई। जांच कमेटी ने ग्राम पंचायत की ओर से परिवादी बनवारी लाल वैष्णव को जारी पट्टा संख्या 34 जो 25 जून 2023 को जारी पट्टे की मिसल में पाई गई कमियों एवं राजस्थान पंचायतीराज नियम 1996 के नियम 146 (3), 148, 149 की पालना नहीं करने के लिए संयुक्त रूप से सरपंच रिंकू देवी वैष्णव एवं तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी भागचंद मीणा को दोषी माना। इसके साथ ही तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी भागचन्द मीणा के विरूद्ध सीसीए नियम-17 के तहत कार्यवाही के लिए प्रस्तावित आरोप एवं आरोप विवरण पत्र संलग्न कर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भेजा गया व सरपंच रिंकू देवी वैष्णव के विरुद्ध धारा 38 के तहत कार्यवाही करने की अभिशंषा की गई।