क्या आयुष्मान कार्ड से साल में एक बार ही करा सकते हैं इलाज? जानें क्या कहता है नियम

Update: 2026-02-08 15:27 GMT

फूलियाकलां राजेश शर्मा। सकल हिंदू समाज धनोप मंडल के तत्वाधान में कस्बे में डीजे व ढो़ल के साथ शोभा यात्रा निकाली। शोभायात्रा आयोजित कार्यक्रम में तालाब पाल बालाजी मंदिर से 11:15 बजे कलश यात्रा प्रारंभ हुई जो माली मोहल्ला, सदर बाजार, बैरवा मोहल्ला, बस स्टैंड, सालोलिया मोहल्ला होते हुए 3 बजे धर्म सभा स्थल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में पहुंची। जहां 3:15 बजे से धर्म सभा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के द्वीप प्रज्वलित कर संत महात्माओं का माला, दुपट्टा व सोल ओढ़ाकर स्वागत सत्कार किया गया। हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ-सत्यनारायण कुमावत प्रज्ञा प्रवाह, राजस्थान क्षेत्र सह संयोजक ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के द्वारा ही सम्पूर्ण सृष्टि की रक्षा हो सकती है। क्योंकि सनातन धर्म ही कहता है कि सभी सुखी हो। पूरी धरती ही हमारा परिवार है। आने वाले समय में हिन्दू समाज में सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। एक संगत और पगंत से ही यह सम्भव है। परिवार को मजबूत करना है तो नित्य नियम से एक साथ भजन और भोजन की परम्परा स्थापित करनी होगी। वही अयोध्या से पधारे कमल दास जी महाराज ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि गाय बचेगी तो देश बचेगा। हमारी संस्कृती, सभ्यता, परम्परा का पोषक है गौ माता, अगर ऐसे ही यह भूमि गौ वध के कलंक से कलंकित रहेगा तो हम सब भी सुरक्षित नहीं रह पाऐगें। गौ संरक्षण, संवर्धन हेतु जमीनी स्तर से कार्य को कृयान्वीत करने की आवश्यकता है केवल कागजों में नहीं। हिंदू सम्मेलन धनोप मंडल समिति के अध्यक्ष द्वारका प्रसाद प्रजापत ने मन्चाधीन सभी संत महात्माओं व अतिथियों का आभार व्यक्त किया। मंच पर विराजित संत अमरमुनि जी महाराज संत कमल दास जी महाराज अयोध्या धाम, संत चरण दास जी महाराज पिछोला बालाजी धाम, डॉ. सत्यनारायण कुमावत प्रज्ञा प्रवाह राजस्थान क्षेत्र सह संयोजक (एसबीईओ शाहपुरा), जयेंद्र सिंह राणावत विश्व हिंदू परिषद जिलाध्यक्ष, चंद्रभान सिंह राणावत पूर्व सरपंच, कार्यक्रम समिति अध्यक्ष द्वारका प्रसाद प्रजापत आदि मन्चाधीन रहे। धनोप के सभी कार्यकर्ता राजस्थानी वेशभूषा में सतरंगी साफा व सफेद धोती-कुर्ता पहने शोभा यात्रा में नाचते झूमते चले। शोभायात्रा में झांकियां भी मौजूद रही। समिति ने संत महात्माओं को श्रीफल व दक्षिणा देकर आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम समाप्ति पर भोजन प्रसादी का आयोजन हुआ। मंच संचालन बंशीलाल कुमावत ने किया।

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