फूलियाकलां तहसील में कर्मचारियों की मनमानी से समय पर नहीं बन पा रहे जाति-मूल निवास प्रमाण पत्र
फूलियाकलां राजेश शर्मा। जिले के फूलियाकलां उपखंड में पिछले कुछ महीनों से फूलियाकलां तहसील के कर्मचारियों की मनमानी के कारण आम जनता को जाति प्रमाण पत्र व मूल निवास प्रमाण पत्र समय पर नहीं बन पा रहे हैं। जिसके कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले परीक्षार्थियों को फॉर्म भरने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ राज्य सरकार ने जाति मूल निवास प्रमाण पत्रों में नोटेरी को हटा रखा, फिर भी जाति प्रमाण पत्रों में 4 पेज का आय प्रमाण पत्र अनिवार्य कर रखा है। जिसको नोटेरी करवाना पड़ता है। नोटेरी के चक्कर गांवो से लोगो को जाति मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए शहर में जाना पड़ता है। अन्य पिछड़ा वर्ग जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दस्तावेज की सूची को कठिन करने के कारण भी जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे है। दस्तावेजों में आधार कार्ड, जन आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, अंक तालिका, जमाबंदी, 4 पेज आय फॉर्म और मूल फॉर्म में पटवारी व दो गजेंटेड कर्मचारियों के हस्ताक्षर इन सभी में से एक भी दस्तावेज नहीं होने पर जाति मूल निवास प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे है। जबकि नियमों के अनुसार ये सभी दस्तावेज अनिवार्य नहीं है फिर भी तहसील के कर्मचारियों द्वारा ये सभी अनिवार्य करने के कारण जाति व मूल निवास प्रमाण पत्र समय पर नहीं बन पा रहे है। मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए भी जमाबंदी मांगी जा रही हैं। जिसके जमीन नहीं है, उनके जाति मूल नहीं बन पा रहे है। जाति, मूल के लिए ई मित्र के चक्कर लगा लगा कर जनता परेशान हो रही है। ज़िला प्रशासन से मांग की है कि जाति प्रमाण पत्र व मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने हेतु प्रकिया को आसान व सरल किया जाए। जिससे आमजनता को राहत प्रदान हों सकें।