विश्व युद्ध की आहट?: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की तैयारी, ट्रम्प ने मांगे 'निर्णायक' सैन्य विकल्प

Update: 2026-01-24 05:23 GMT


दिल्ली।। खाड़ी क्षेत्र (मिडिल ईस्ट) में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अब ईरान के खिलाफ केवल प्रतिबंधों तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि वे एक 'निर्णायक' सैन्य कार्रवाई की योजना बना रहे हैं। पेंटागन और व्हाइट हाउस को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे विकल्प तैयार करें जिससे न केवल ईरान की सैन्य शक्ति को कुचला जा सके, बल्कि वहां की सत्ता परिवर्तन (Regime Change) का मार्ग भी प्रशस्त हो।

मिडिल ईस्ट पहुंचा 'अब्राहम लिंकन', बढ़ी धड़कनें


रणनीतिक मोर्चे पर सबसे बड़ी हलचल यह है कि अमेरिकी नौसेना का विशालकाय जंगी बेड़ा USS अब्राहम लिंकन अरब सागर में दाखिल हो चुका है। यह युद्धपोत पहले दक्षिण चीन सागर में तैनात था, जिसने 18 जनवरी को मलक्का जलडमरूमध्य (Malacca Strait) पार कर हिंद महासागर में प्रवेश किया। अब यह ईरान के कई प्रमुख शहरों की स्ट्राइक रेंज में है। इसके साथ ही अमेरिका का विशेष C 37-B एयरक्राफ्ट भी ईरान के उत्तर में स्थित तुर्कमेनिस्तान के अशगाबाद बेस पर पहुंच चुका है, जिससे घेराबंदी और मजबूत हो गई है।


ईरान की जवाबी चेतावनी: "मिसाइलें गरजने को तैयार"

अमेरिका की इन आक्रामक गतिविधियों पर पलटवार करते हुए ईरान की सुप्रीम काउंसिल के सदस्य जावेद अकबरी ने सख्त लहजे में कहा कि मध्य पूर्व में स्थित अमेरिका के तमाम सैन्य अड्डे ईरान की मिसाइलों के सीधे निशाने पर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने कोई भी दुस्साहस किया, तो ईरान की मिसाइलें दुश्मन पर कहर बनकर बरसेंगी।

पेंटागन की रणनीति और सत्ता परिवर्तन की योजना

रिपोर्ट्स की मानें तो अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) अब उन ठिकानों की सूची तैयार कर रहा है जहां हमला करके ईरान की कमर तोड़ी जा सके। इसमें ईरान के परमाणु ठिकानों, मिसाइल डिपो और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के मुख्यालयों को निशाना बनाया जा सकता है।

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