भीलवाड़ा। फुलिया कलां थाना क्षेत्र के खामोर गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक बेजुबान गोवंश की मौत के बाद उसे चुपचाप जमीन में दफनाने का मामला सामने आया। इस घटना ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया और देखते ही देखते माहौल गरमा गया। सैंकड़ों की संख्या में आक्रोशित ग्रामीण और महिलाएं मौके पर डट गए हैं, जिससे प्रशासन सकते में आ गया।
पाप को छिपाने की साजिश:-डंपर की टक्कर और आधी रात का खेल
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि क्रेशर पर चलने वाले एक बेलगाम डंपर ने गोवंश को कुचल दिया। अपने इस कृत्य से बचने के लिए डंपर चालक ने जेसीबी की मदद से आनन-फानन में गड्ढा खोदकर गोवंश के शव को भूखंड में दफन कर दिया। इस कृत्य का खुलासा तब हुआ जब रात के अंधेरे में श्वानों ने जमीन को खोदकर शव को नौंचना शुरू किया।
सुबह का खौफनाक मंजर- पोस्टमार्टम में हुआ खुलासा
सोमवार सुबह भारी पुलिस जाब्ते के बीच तहसीलदार, डीएसपी और थाना प्रभारी की मौजूदगी में शव को बाहर निकाला गया। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट ने ग्रामीणों के दावों पर मुहर लगा दी—गोवंश के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं, जो चीख-चीख कर वाहन की टक्कर की गवाही दे रहे थे।
आर-पार की लड़ाई: ग्रामीणों ने घेरा प्रशासन
आक्रोशित ग्रामीणों ने अब प्रशासन के सामने अपनी मांगों की झड़ी लगा दी है। उनकी चेतावनी साफ है—जब तक न्याय नहीं, तब तक शांत नहीं!
गोवंश के हत्यारे डंपर चालक की तत्काल गिरफ्तारी।
साजिश में शामिल जेसीबी को जब्त करना।
लीज भूमि का सीमाज्ञान कर तारबंदी सुनिश्चित करना।
लीज धारकों के कर्मियों द्वारा महिलाओं से अभद्रता करने वालों पर सख्त कार्रवाई।
तनावपूर्ण हालात- देर शाम तक जारी रहा गतिरोध
दिनभर चली समझाइश की कोशिशें नाकाम साबित हुईं। प्रशासन वार्ता की मेज पर ग्रामीणों को शांत करने की कोशिश करता रहा, लेकिन आक्रोश की आग ठंडी नहीं हुई। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और देर शाम तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
