फर्ज के लिए न्योछावर कर दी जान-: तीन साल के बच्चे को बचाने के चक्कर में गेटमैन ने हारी जिंदगी, बरूंदनी रेलवे गेट पर हुई घटना

Update: 2026-02-19 18:42 GMT

भीलवाड़ा BHN.कोटा-चित्तौडग़ढ़ रेल मार्ग पर स्थित बरुंदनी रेलवे गेट पर बुधवार शाम एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। एक रेलवे गेटमैन ने अपनी जान की परवाह न करते हुए ट्रैक पर आए तीन साल के मासूम बच्चे को तो बचा लिया, लेकिन खुद मौत के आगोश में समा गया।

बच्चे की जान बचाने के लिए मौत से भिड़ गया हरिओम

बीगोद पुलिस के अनुसार, कादीसहना निवासी हरिओम अहीरवार (33) पुत्र प्यारचंद, बरुंदनी रेलवे गेट पर गेटमैन के पद पर तैनात थे। बुधवार शाम करीब 4:30 बजे उन्होंने रेलवे टावर वैगन (इंजन) को गुजारने के लिए गेट बंद किया था। इसी दौरान एक तीन साल का बच्चा अचानक दौड़ता हुआ रेलवे ट्रैक पर आ गया।

सामने से वैगन आ रहा था और बच्चा मौत के मुहाने पर था। हरिओम ने पलक झपकते ही बच्चे की ओर दौड़ लगाई और उसे सुरक्षित पटरियों के बीच धकेल दिया। इस कोशिश में बच्चा तो सुरक्षित बच गया, लेकिन हरिओम वैगन की चपेट में आ गए। उनके सिर में गंभीर चोट आने के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

गांव और विभाग में शोक की लहर

गुरुवार को पुलिस ने राजकीय अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। एक छोटे से बच्चे की जान बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले हरिओम के इस साहसी कार्य की हर कोई प्रशंसा कर रहा है। हालांकि, इस हादसे से उनके गांव कादीसहना और रेलवे कर्मचारियों में गहरा शोक व्याप्त है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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