भीलवाड़ा सहित प्रदेश में मौसम का यू-टर्न: जैसलमेर में ओलों की चादर, चैत्र में सावन जैसा अहसास
भीलवाड़ा । राजस्थान में तपती गर्मी के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से भीलवाड़ा सहित प्रदेश के मरुस्थलीय और मध्य इलाकों में शुक्रवार सुबह अचानक मिजाज बदल गया। भीलवाड़ा में जहां बादलों की आवाजाही के साथ ठंडी हवाओं ने गर्मी से राहत दी है, वहीं जैसलमेर, नागौर और जालोर जैसे जिलों में तेज बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई है। इस बदलाव ने आमजन को सुकून तो दिया है, लेकिन कटाई के मुहाने पर खड़े किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
जैसलमेर में 'बर्फबारी' जैसा नजारा, डीडवाना में बरसे मेघ
शुक्रवार सुबह जैसलमेर के ग्रामीण इलाकों, विशेषकर पिथोडाई गांव में कुदरत का रौद्र रूप दिखा। यहाँ करीब 15 मिनट तक जमकर ओले गिरे, जिससे सड़कों और खेतों पर सफेद चादर बिछ गई। इसके अलावा डीडवाना-कुचामन में तड़के हुई तेज बारिश से सड़कों पर पानी बह निकला। मौसम विभाग के अनुसार, लगातार आ रहे 'बैक टू बैक' पश्चिमी विक्षोभ के कारण अरब सागर से आ रही नमी बादलों के निर्माण और इस बेमौसम बरसात का मुख्य कारण है।
भीलवाड़ा में गर्मी पर 'ब्रेक', 10 अप्रैल तक हीटवेव से राहत
भीलवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा रहा, जिससे पारे में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 10 अप्रैल तक प्रदेश में 'हीटवेव' यानी लू चलने की कोई संभावना नहीं है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही बना रहेगा। हालांकि, 6 अप्रैल को एक और शक्तिशाली सिस्टम सक्रिय होने वाला है, जिसका असर 7 और 8 अप्रैल को पूरे प्रदेश में दिखाई देगा।
अन्नदाता पर आफत: कटी फसलें हुई खराब
शहरवासी भले ही इस सुहावने मौसम का आनंद ले रहे हों, लेकिन किसानों के लिए यह बारिश काल बनकर आई है। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बेल्ट के अन्य इलाकों में तूफानी बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की पकी हुई फसलें खेतों में बिछ गई हैं। कटाई के ऐन वक्त पर हुई इस बरसात से अनाज की गुणवत्ता खराब होने और पैदावार घटने की भारी आशंका है।
आगामी अलर्ट: इन जिलों में चेतावनी
3 अप्रैल (ऑरेंज अलर्ट): सीकर, झुंझुनूं, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जोधपुर और जैसलमेर।
4 अप्रैल (येलो अलर्ट): भीलवाड़ा, जयपुर, अजमेर, टोंक सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की बारिश की संभावना।
6 अप्रैल: नया मजबूत सिस्टम सक्रिय होगा, जिससे थंडरस्ट्रॉर्म की गतिविधियां बढ़ेंगी।
