अजमेर की खुली जेल से भीलवाड़ा का उम्रकैदी फरार: दुष्कर्म के मामले में काट रहा था सजा, गिनती के दौरान हुआ खुलासा
अजमेर/भीलवाड़ा। अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी और सेंट्रल जेल के अधीन संचालित 'खुला बंदी शिविर' (ओपन जेल) से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। भीलवाड़ा निवासी एक उम्रकैदी जेल प्रशासन को चकमा देकर फरार हो गया। आरोपी पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। रविवार शाम को बंदियों की नियमित गिनती के दौरान उसके गायब होने का पता चला, जिसके बाद जेल महकमे में हड़कंप मच गया।
हाजिरी के समय मिला गायब, मोबाइल भी हुआ स्विच ऑफ
फरार कैदी की पहचान आशाराम उर्फ आसू (34) पुत्र लादूराम के रूप में हुई है, जो मूलतः भीलवाड़ा जिले का रहने वाला है। जेल प्रशासन के अनुसार, आशाराम को वर्ष 2025 में बीकानेर जेल से अजमेर के खुले बंदी शिविर में शिफ्ट किया गया था। रविवार शाम जब सभी बंदियों की हाजिरी ली जा रही थी, तब वह अनुपस्थित मिला। जेल प्रभारी ने उसके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। परिजनों से पूछताछ करने पर भी उसका कोई सुराग नहीं लग सका।
BNS की धारा 262 के तहत मामला दर्ज
कैदी के फरार होने की सूचना मिलते ही सिविल लाइंस थाना पुलिस को रिपोर्ट भेजी गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 262 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भीलवाड़ा और अजमेर के संभावित ठिकानों पर पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
खुली जेल में उन कैदियों को रखा जाता है जिनका आचरण जेल में अच्छा रहता है, ताकि वे अपने परिवार के साथ रहकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। हालांकि, भीलवाड़ा के इस कैदी के फरार होने के बाद खुली जेल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। फिलहाल, पुलिस और जेल प्रशासन आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रहे हैं।