पंडेर में प्रोटोकॉल विवाद: विधायक के पहुंचने से पहले ही ज्योतिबा फुले की प्रतिमा का अनावरण, गरमाई सियासत

Update: 2026-04-11 05:35 GMT

जहाजपुर (आजाद नेब)। जहाजपुर विधानसभा क्षेत्र के पंडेर ग्राम में महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम में तय प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए क्षेत्रीय विधायक गोपीचंद मीणा के आगमन से पहले ही मूर्ति का अनावरण कर दिया गया, जिससे क्षेत्र के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंडेर में महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर मूर्ति अनावरण का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार:

मुख्य अतिथि: क्षेत्रीय विधायक गोपीचंद मीणा।

निर्धारित समय: सुबह 11:00 बजे।

हकीकत: निर्धारित समय से लगभग पौने तीन घंटे पहले, यानी सुबह 8:15 बजे ही समाज के पंच-पटेलों ने मूर्ति का अनावरण कर दिया।

प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर उठे सवाल

जब किसी जनप्रतिनिधि को मुख्य अतिथि के रूप में औपचारिक निमंत्रण दिया जाता है, तो उनके हाथों अनावरण की एक मर्यादा और परंपरा होती है। समाज के सदस्य दिनेश माली ने पुष्टि की कि सुबह 8:15 बजे ही पंच-पटेलों ने मिलकर इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया।

"जब विधायक का समय तय था और समाज ने ही उन्हें आमंत्रित किया था, तो अचानक समय से पूर्व अनावरण करना समझ से परे है। यह सीधे तौर पर तय प्रोटोकॉल का उल्लंघन नजर आता है।" — स्थानीय ग्रामीण

चर्चाओं का दौर और सस्पेंस

इस घटनाक्रम के बाद जहाजपुर क्षेत्र में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। लोग इसे समाज के भीतर के किसी अंतर्विरोध या राजनीतिक असंतोष के रूप में भी देख रहे हैं। सवाल यह भी है कि क्या यह फैसला अचानक लिया गया या इसके पीछे कोई सोची-समझी रणनीति थी?

प्रतिक्रिया का इंतज़ार:

इस मामले में फिलहाल विधायक गोपीचंद मीणा या स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन बिना मुख्य अतिथि के हुए इस 'प्री-मैच्योर' अनावरण ने उत्सव के माहौल में विवाद की चिंगारी जरूर सुलगा दी है।

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