गार्नेट वसूली कांड: "सिस्टम में रहोगे तो फायदे में, नहीं तो जब्त होंगे प्लांट", व्यापारियों को दी जाती थी धमकी

Update: 2026-04-11 17:50 GMT

भीलवाड़ा। कोटड़ी क्षेत्र में अवैध गार्नेट खनन करने वाले व्यापारियों से अवैध वसूली के बहुचर्चित मामले में पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपी 'सिस्टम' के नाम पर डरा-धमकाकर वसूली कर रहे थे। शनिवार को रिमांड खत्म होने पर सभी पांचों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। खास बात यह है कि इन पांचों आरोपियों में से तीन खुद भी गार्नेट के अवैध कारोबार से जुड़े थे।

अजय पांचाल ने रचा था वसूली का जाल

पुर थाना सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपी अजय पांचाल एक राजनीतिक पार्टी का कार्यकर्ता होने के कारण कई रसूखदार अधिकारियों के संपर्क में था। इसी संपर्क का फायदा उठाकर उसने अवैध गार्नेट व्यापारियों से मोटी रकम वसूलने का मास्टर प्लान तैयार किया।

बंद पड़े कारोबार को शुरू कराने का दिया लालच

जांच में सामने आया कि आरोपी नारायण और नंदसिंह उर्फ पिंटू खुद गार्नेट का काम करते थे। नारायण का अपना कारखाना था, जबकि कालू किराए की मशीनें चलाता था। आरोपी δनन्दसिंह का काम काफी समय से बंद पड़ा था। वह जब अजय के संपर्क में आया, तो अजय ने उसे भरोसा दिलाया कि यदि वे उसके बताए अनुसार काम करेंगे, तो बिना किसी रोक-टोक के उनका कारोबार फिर से शुरू हो जाएगा।

22 व्यापारियों से वसूले 7.50 लाख रुपये

अजय के कहने पर इन लोगों ने कोटड़ी क्षेत्र के गार्नेट व्यापारियों की एक लिस्ट तैयार की। इस सूची में कुल 35 मशीनें शामिल की गईं और उनका प्रति मशीन रेट फिक्स किया गया। इसके बाद आरोपियों ने व्यापारियों को धमकाना शुरू किया कि "अगर सिस्टम में रहोगे तो फायदे में रहोगे, वरना मशीनें और प्लांट जब्त करवा दिए जाएंगे।" डर के मारे 22 व्यापारियों ने इन आरोपियों को कुल 7 लाख 50 हजार रुपये दे दिए।

ऑनलाइन और कैश वसूली, पुलिस ने की बरामदगी

वसूली की कुल राशि में से 5 लाख 40 हजार रुपये नकद लिए गए, जबकि 2 लाख रुपये पांचवें आरोपी सौरभ के जरिए ऑनलाइन मंगवाए गए। इनमें से 1.10 लाख रुपये सौरभ के खाते में और 90 हजार रुपये उसके मित्र के खाते में डलवाए गए थे। पुलिस ने यह पूरी राशि बरामद कर ली है।

अब 22 व्यापारियों से होगा अनुसंधान

पुलिस को उन सभी 22 व्यापारियों के साक्ष्य मिल चुके हैं, जिनसे वसूली की गई थी। अब पुलिस इन सभी व्यापारियों से पूछताछ और अनुसंधान करेगी कि उन्होंने अवैध काम के लिए रिश्वत क्यों दी। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपी नंदसिंह का कारखाना और नारायण की दो गार्नेट धुलाई की स्क्रू मशीनें भी जब्त कर ली हैं।

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